प्रदूषण के खिलाफ जंग, दिल्ली में ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की शुरुआत

पुनः संशोधित बुधवार, 21 अक्टूबर 2020 (18:15 IST)
नई दिल्ली। ने वाहन प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' महाअभियान को बुधवार पूरे दिल्ली में शुरू कर दिया है। सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा ‘युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत शुरू किए गए इस अभियान में दिल्ली के 100 प्रमुख चौराहों पर तैनात पर्यावरण मॉर्शल प्ले कार्ड के जरिए वाहन चालकों को जागरूक करेंगे।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आईटीओ पर अभियान की शुरुआत करते हुए दिल्ली के दो करोड़ निवासियों से अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदूषण के खिलाफ युद्ध में दिल्ली सरकार और विभिन्न एजेंसियां शामिल थीं, लेकिन आज से इस लड़ाई में दिल्ली के दो करोड़ लोगों को शामिल होने का आह्वान किया जा रहा है।

जब सरकार और समाज दोनों मिलकर लड़ेंगे, तभी हम प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को जीत सकेंगे। अगर दिल्लीवासी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान देते हैं, तो वाहन प्रदूषण को 15 से 20 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। साथ ही, सरकार की तरफ से सभी सांसदों, विधायकों, पार्षदों, राजनीतिक दलों, एनजीओ और सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से भी इस अभियान में योगदान देने के लिए आह्वान किया जा रहा है।

इसके अलावा, ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान को गति देने के लिए दिल्ली के सभी सांसद, विधायक और पार्षद भी सड़क पर उतरेंगे। दिल्ली के विधायक कल (22 अक्टूबर) तिलक मार्ग स्थित भगवान दास क्रॉसिंग पर अभियान में हिस्सा लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। इसी तरह, सभी पार्षद, 23 अक्टूबर को बारहखंभा रोड स्थित टालस्टॉय मार्ग पर और 24 अक्टूबर को दिल्ली के सभी सांसद इंडिया गेट के पास सी-हेक्सागन, राजपथ क्रॉसिंग पर लोगों को जागरूक करेंगे।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आईटीओ पर ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ महाअभियान की शुरुआत करने के दौरान कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण के विरुद्ध अभियान की शुरूआत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की है। दिल्ली सरकार की तरफ से आज से पूरे दिल्ली के अंदर ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान शुरू हुआ है।

अब तक दिल्ली के अंदर प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध में दिल्ली सरकार और अलग-अलग एजेंसियां शामिल थीं। आज से प्रदूषण के विरुद्ध इस युद्ध में दिल्ली के दो करोड़ लोगों को शामिल होने के लिए आह्वान किया जा रहा है, क्योंकि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर जब लड़ना पड़ेगा, तभी हम इस प्रदूषण की जंग को जीत सकते हैं।

उन्होंने कहा कि रेड लाइट अभियान, दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने का महाअभियान है। दिल्ली के अंदर लगभग एक करोड़ गाड़ियां पंजीकृत हैं, जो औसतन दिल्ली में दिनभर में लगभग 15 से 20 मिनट रेड लाइट पर ईंधन जलाती हैं। इस अभियान का मकसद है कि चौराहों पर चालू हालत में खड़े वाहनों से जलने वाले ईंधन को रोका जाए।

दिल्ली के दो करोड़ लोग इस महाअभियान में अपनी हिस्सेदारी पूरी जिम्मेदारी के साथ करते हैं, तो हम 15 से 20 फीसदी वाहन प्रदूषण को कम कर सकते हैं। यह पूरा अभियान स्वैच्छिक है, दिल्ली के लोगों को अपनी स्वेच्छा के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ इस अभियान में अपना योगदान देकर शामिल होना है।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मैं दिल्ली के दो करोड़ लोगों से आज आह्वान करता हूं कि यह पूरा अभियान आपके कंधों पर है। दिल्ली के 100 प्रमुख भीड़ वाले चौराहों पर करीब ढाई हजार सिविल डिफेंस वालंटियर यातायात पुलिस के साथ मिलकर मैदान में उतरे हैं। यह ढ़ाई हजार वालंटियर प्ले कार्ड के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे। इनकी दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है, पहली शिफ्ट सुबह 8 से दोपहर दो बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक होगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से हम सभी सांसद, विधायकों, पार्षदों, व्यापार संगठन, उद्योग संगठन, अधिकारियों के संगठनों को आह्वान कर रहे हैं कि आप अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी को निभाइए। प्रदूषण की समस्या अगर हम सबको झेलनी पड़ रही है, तो समाधान के लिए हम सबको उतरना पड़ेगा। इसीलिए आज से अभियान शुरू हुआ है और यह अभियान आगामी 15 नवंबर तक चलेगा।

दिल्ली की आरडब्ल्यूए, इको क्लब के साथ भी हम लोग संपर्क कर रहे हैं। हम सब मिलकर अपने घरों में परिवार को समझाएं कि दिल्ली के अंदर रेड लाइट पर गाड़ी बंद रखें। इस मुहिम से हमें भरोसा है कि हम जिस तरह से दिल्ली के अंदर एंटी डस्ट अभियान को सफलता के साथ चला रहे हैं, उसी तरह वाहन प्रदूषण को कम करने का अभियान भी आगे सफलता के साथ चलेगा और हम प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई को जीत पाएंगे।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह अभियान पूरी तरह से स्वैच्छिक है। किसी को किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। समस्या हमारी है, तो समाधान भी हमें ही करना पड़ेगा। इस अभियान की जिम्मेदारी दिल्ली के दो करोड़ लोगों के कंधों पर है। उनको अपनी जिम्मेदारी लेकर के आगे बढना पड़ेगा। हम चाहते हैं कि समस्या हम सबकी है, तो समाधान के लिए भी हम सब आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि अभी हम रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि उन तमाम रास्तों को अपनाया जाए, जिससे प्रदूषण कम हो। दिल्ली में हम ऑड-ईवन लागू करते रहे हैं, अगर इमरजेंसी आती है, तो उस पर भी फिर विचार करेंगे।



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