1 नवंबर से गुर्जर फिर करेंगे आंदोलन, सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

Last Updated: शनिवार, 31 अक्टूबर 2020 (08:40 IST)
जयपुर। राजस्थान में संघर्ष समिति ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 1 नवंबर से फिर करने की घोषणा शुक्रवार को की। इस बीच, आंदोलन को देखते हुए कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और वहां अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जा रहा है। गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने हिंडौन में संवाददाताओं से बातचीत में समाज के लोगों से 1 नवंबर को पीलूपुरा (बयाना) पहुंचने को कहा।
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बैंसला ने कहा कि 1 तारीख से पीलूपुरा में आंदोलन का आगाज होगा, क्योंकि पिछले 2 साल से हमारी मांगें मान नहीं रही है। पिछले 3 महीने से तो हम रोज इनको कहते आ रहे हैं लेकिन इनके कान पर जूं नहीं रेंग रही तो हमारे पास और कोई विकल्प बचा ही नहीं। राज्य सरकार गुर्जर आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करवाए, बैकलॉग भरे तथा प्रक्रियाधीन भर्ती में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दे।
उल्लेखनीय है कि समिति ने 17 अक्टूबर को को बयाना में महापंचायत की और उनकी आरक्षण संबंधी मागों को मानने के लिए राज्य सरकार को 1 नवंबर तक का समय दिया था। इसके बाद इस गुरुवार को मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक हुई जिसने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की 3 प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया। इस बीच गुर्जरों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर करौली, अलवर, दौसा, बूंदी, सवाई माधोपुर व भरतपुर आदि जिलों में प्रशासन चौकस हो गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कानून व्यवस्था) सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि करौली, भरतपुर, जयपुर व सवाई माधोपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थगित की गई हैं। किसी भी हालात से निपटने के लिए रेपिड एक्शन फोर्स सहित अतिरिक्त सुरक्षाबल लगाया जा रहा है। आंदोलन को लेकर जयपुर में पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक हुई। संबद्ध जिलों में उच्च अधिकारियों के साथ अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजा जा रहा है। (भाषा)



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