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Last Modified: चुरचू (हजारीबाग) , शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026 (15:39 IST)

झारखंड के हजारीबाग में सोते लोगों पर हाथियों का हमला, एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 6 की मौत

Hazaribagh elephant attack case
Hazaribagh elephant attack case : झारखंड के हजारीबाग में चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में गुरुवार देर रात हाथियों के हमले से एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हाथियों के हमले के वक्‍त अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम और दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्ती बढ़ा दी गई है तथा ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक हालात काबू में नहीं आ सके हैं।

खबरों के अनुसार, झारखंड के हजारीबाग में चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में गुरुवार देर रात हाथियों के हमले से एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हाथियों के हमले के वक्‍त अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम और दहशत का माहौल है।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्ती बढ़ा दी गई है तथा ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक हालात काबू में नहीं आ सके हैं। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन 5 हाथियों का झुंड बस्ती के आसपास डटा रहा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। हाथियों का झुंड इन दिनों काफी उग्र है और करगी जंगल के आसपास देखा गया है। पिछले कई दिनों से हाथियों का एक झुंड लगातार गांवों में घुसकर जानमाल को नुकसान पहुंचा रहा है।
बीते कुछ सप्ताहों में हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। अलग-अलग घटनाओं में हाथियों ने ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला है। साल 2000 से लेकर 2025 तक की 25 साल की अवधि में राज्य में विभिन्न स्थानों पर हाथियों के हमलों में 1400 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इन हमलों में 600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
आदित्य पांडे, सदर एसडीएम हजारीबाग ने कहा कि लोगों को जागरूक करने और आवश्यक प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मुआवजे का जो भी प्रावधान है, उसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कोशिश करेंगे कि मुआवजा जल्द दे दिया जाए।
Edited By : Chetan Gour