सम्बंधित जानकारी
- TamilNadu : मासूम की चीखों पर 'बेशर्म' हंसी, 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, हत्या के बाद मंत्री और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर भड़के लोग
- जस्टिस स्वर्णकांता ने किया बहिष्कार तो माने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने भी की हां
- उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून : धामी
- वाराणसी में नमो घाट पर पर्यटक की हत्या, सुरक्षा गार्डों ने पीट-पीटकर ली जान, जानिए क्या है मामला?
- ट्विशा शर्मा का हुआ अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि, मां ने हाथ जोड़कर दी विदाई
राम रहीम फिर जेल से बाहर, जानिए कब कब जेल से बाहर आया डेरा प्रमुख
Ram Rahim Parole: बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर 30 दिनों की पैरोल पर बाहर है। राम रहीम को 16वीं बार पैरोल मिली है। रिकॉर्ड बताते हैं कि सजा के पिछले 9 सालों में वह एक साल से ज्यादा का समय जेल के बाहर गुजार चुका है, जो भारतीय न्याय प्रणाली और राजनीतिक गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में शायद ही किसी सजायाफ्ता मुजरिम को इतनी 'राहत' मिली हो। गुरमीत राम रहीम सिंह, जो कभी खुद को फिल्मों में 'मैसेंजर ऑफ गॉड' कहता था, शनिवार को उसे एक बार फिर पैरोल मिल गई। सुरक्षा कारणों से उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय भेजा गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 से अब तक वह 400 से अधिक दिन जेल की चारदीवारी से बाहर बिता चुका है।
रिहाई का चुनाव से संबंध?
पंजाब में आज निकाय चुनाव में मतदान से ठीक पहले राम रहीम को पैरोल पर रिहा किया गया है। राम रहीम की रिहाई का समय अक्सर उन राज्यों के चुनावों से मेल खाता है जहां उसके अनुयायियों की संख्या लाखों में है। विश्लेषकों का मानना है कि यह 'वोट बैंक' की राजनीति का नतीजा है, हालांकि सरकार और डेरा प्रबंधन इसे कैदी का कानूनी अधिकार बताते हैं।
पीड़ित परिवारों का दर्द
न्याय की यह लुका-छिपी उन परिवारों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है जिन्होंने सालों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति का कहना है कि हर बार राम रहीम का बाहर आना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। वे सवाल करते हैं कि क्या आम कैदियों के मामले में भी सिस्टम इसी तरह की 'सद्भावना' दिखाता है?
पैरोल मिलने की अनिवार्य शर्तें
जेल के अंदर कैदी का आचरण कैसा रहा है? क्या उसने जेल के नियमों का पालन किया? राम रहीम को अक्सर उसके अच्छे व्यवहार के आधार पर ही पैरोल की रिपोर्ट मिलती है। आमतौर पर पैरोल तभी मिलती है जब कैदी अपनी सजा का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 1 या 3 साल) काट चुका हो। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट ली जाती है कि क्या उस कैदी के बाहर आने से इलाके में 'लॉ एंड ऑर्डर' (कानून-व्यवस्था) बिगड़ने का खतरा तो नहीं है। कैदी को भारी सुरक्षा राशि (Bail Bond) जमा करनी पड़ती है और दो 'जमानतदारों' की गारंटी देनी होती है कि वह समय पर वापस आएगा।
कब कब जेल से बाहर आया राम रहीम?
2020 (अक्टूबर) : 1 दिन
2021 (मई) : 1 दिन
2022 (फरवरी) : 21 दिन
2022 (जून) : 30 दिन
2022 (अक्टूबर) : 40 दिन
2023 (जनवरी) : 40 दिन
2023 (जुलाई) : 30 दिन
2023 (नवंबर) : 21 दिन
2024 (जनवरी) : 50 दिन
2024 (अगस्त) : 21 दिन
2024 (अक्टूबर) : 20 दिन
2025 (जनवरी) : 21 दिन
2025 (मई) : 20 दिन
2025 (सितंबर) : 21 दिन
2026 (फरवरी) : 20 दिन
2026 (मई) : 30 दिन
edited by : Nrapendra Gupta
edited by : Nrapendra Gupta
