'लव जिहाद' पर बोले मुस्लिम धर्मगुरु

लखनऊ| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 25 अगस्त 2014 (17:50 IST)
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लखनऊ। ‘लव जिहाद’ के खिलाफ अभियान चलाने के मंसूबे पर बवाल मचने के बाद भाजपा के कदम वापस खींचने के बीच मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि मुल्क में विवाह के लिए हिन्दू धर्मावलंबियों के धर्मांतरण के लिए ऐसी कोई मुहिम नहीं चल रही है और भगवा दल ने सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए यह शिगूफा छोड़ा था।


दारुल उलूम देवबंद भी अपने कई फतवों में महज शादी के लिए मुस्लिम धर्म कुबूल करने को गलत ठहरा चुका है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ‘लव जिहाद’ को तिल का ताड़ बनाने की कोशिश करार देते हुए बातचीत में कहा कि 'जिहाद' किसी नेक काम के लिए की जाने वाली जद्दोजहद को कहा जाता है और 'लव जिहाद' जैसी कोई भी चीज गैरइस्लामी और निंदा के योग्य है। जिहाद को सांप्रदायिकता से जोड़कर देखना निकृष्ट मानसिकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ जैसी कोई तहरीक (आंदोलन) मुसलमानों की तरफ से नहीं चल रही है। शादी के लिए धर्मांतरण के इक्का-दुक्का वाकयात हुए हैं, उससे किसी एक पूरे समुदाय को कठघरे में खड़ा करना गलत है। ‘लव जिहाद’ एक मिथ्या प्रचार है। हम समझते हैं कि सियासी लाभ लेने के लिए इसे मुद्दा बनाया जा रहा है, जो हिन्दुस्तान के सर्वधर्म समभाव को कमजोर करता है।

फरंगी महली ने कहा कि हम इस बात के खिलाफ हैं कि कोई मुस्लिम लड़का या लड़की किसी गैरमुस्लिम का धर्मांतरण करवाकर उससे शादी करे। जब कोई किसी दूसरे मजहब में शादी करता है तो पति और पत्नी दोनों की ही आगे की जिंदगी पर नकारात्मक असर पड़ता है। मौलाना की इस बात को प्रसिद्ध इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद के कुछ फतवे भी मजबूती प्रदान करते हैं।

इस बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने भी बातचीत में कहा कि ‘लव-जिहाद’ जैसी कोई चीज नहीं है। इस्लाम किसी को भी जबरन मुस्लिम बनाने को गलत मानता है लिहाजा अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है और इस कृत्य को जिहाद के साथ जोड़ना गुनाह है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘लव जिहाद’ भाजपा का गढ़ा हुआ शब्द है और वह इस पर सियासत कर रही है। गौरतलब है कि मथुरा में रविवार को संपन्न भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उठाया गया था। पार्टी नेताओं ने मुस्लिम लड़के-लड़कियों द्वारा शादी के नाम पर दूसरे मजहब के युवक-युवतियों का धर्मांतरण कराने की मुहिम और प्रदेश सरकार पर उसे संरक्षण देने के आरोप लगाए थे।
भाजपा की बैठक में उठे ‘लव जिहाद’ के मुद्दे को लेकर काफी चर्चा तथा आलोचना भी हुई थी। बवाल बढ़ता देख पार्टी ने ‘लव जिहाद’ को अपने एजेंडा से बाहर करते हुए इससे तौबा कर ली थी। (भाषा)



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