कप्तान सिंह सोलंकी हरियाणा के नए राज्यपाल

चंडीगढ़| भाषा|
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चंडीगढ़। वरिष्ठ भाजपा नेता कप्तान सिंह सोलंकी को रविवार को हरियाणा के नए के रूप पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।


पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आशुतोष मोहंता ने यहां राजभवन के प्रांगण में 75 वर्षीय सोलंकी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले भाजपा राज्यसभा सदस्य सोलंकी ने हिन्दी में शपथ ली। वे राज्य के 16 वें राज्यपाल होंगे। सन् 1966 में पंजाब के 3 हिस्सों में बंटने के पश्चात हरियाणा अस्तित्व में आया था।

वे पूर्व प्रोफेसर हैं और मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। उन्हें अगस्त 2012 में राज्यसभा के लिए फिर से नामित किया गया था। सोलंकी के पूर्ववर्ती जगन्नाथ पहाड़िया का 5 साल का कार्यकाल रविवार को समाप्त हुआ।


मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनके शपथ समारोह के दौरान उपस्थित थे लेकिन उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी शपथ ग्रहण समारोह से नदारद रहे।
हरियाणा भाजपा के प्रमुख रामविलास शर्मा, अंबाला से पार्टी सांसद रतन लाल कटारिया इस मौके पर मौजूद भगवा दल के प्रमुख नेताओं में थे। हरियाणा और केंद्रशासित क्षेत्र चंडीगढ़ के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

शपथ लेने के बाद मीडिया के साथ संक्षिप्त संवाद के दौरान सोलंकी ने हाल ही में हरियाणा विधानसभा से पारित विवादास्पद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कानून पर सवालों को टाल दिया।
बार-बार पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आज एक पावन दिन है, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति के निर्देशानुसार राज्यपाल पद की शपथ ली है।

संभावना है कि नए राज्यपाल हरियाणा द्वारा पृथक गुरुद्वारा प्रबंधक समिति बनाने के मुद्दे की कानूनी वैधता पर गौर करेंगे। पंजाब को हरियाणा के इस कदम पर सख्त एतराज है। दोनों राज्य इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं।
अपने नए पदभार के बारे सोलंकी ने कहा कि मैं प्रफुल्लित हूं... मैं सुनिश्चित करूंगा कि हरियाणा की प्रगति 21वीं सदी में राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे।

उन्होंने विवादास्पद मुद्दों के संदर्भ में राज्यपाल की भूमिका की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा, यह एक संवैधानिक पद है, मुझे उसका दायित्व निभाना है। उन्होंने कहा कि वह हरियाणा के कल्याण के लिए प्रयास करेंगे।
हरियाणा के पृथक गुरुद्वारा प्रबंधक समिति बनाने के कदम पर शनिवार को दिल्ली में सोलंकी ने हरियाणा का नया राज्यपाल नामजद किए जाने के बाद कहा था कि इसके विरुद्ध केंद्र के निर्देश का अवश्य पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये उनके निजी विचार हैं लेकिन वे हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित कानून को रद्द करने के केंद्र के निर्देश पर निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर गौर करेंगे।
हरियाणा के कानून का जबर्दस्त विरोध करते हुए पंजाब ने केंद्र का दरवाजा खटखटाया है और उसके हस्तक्षेप की मांग की है।

पंजाब का कहना है कि पृथक एसजीपीसी का निर्माण 1925 के केंद्रीय गुरुद्वारा अधिनियम का उल्लंघन है। सोलंका का जन्म 1 जुलाई, 1939 को गढ़पारा जिले के भिंड में हुआ था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे और दो बेटियां हैं।
वह 2009-2012 के पहले कार्यकाल तथा 2012 से अब तक दूसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा सदस्य थे।

उन्होंने 1998-2002 के दौरान बतौर सामाजिक कार्यकर्ता भी काम किया था। वे कट्टर आरएसएस कार्यकर्ता हैं। वे मध्यप्रदेश के भाजपा महासचिव, महाराष्ट्र और राजस्थान के पार्टी प्रभारी रहे हैं। (भाषा)



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