श्री राम गीता क्या है, जानिए 6 रहस्य

Ram gita
महाभारत में श्रीमद्भागवत गीता के अलावा अनु गीता, हंस गीता, पराशर गीता, बोध्य गीता, विचरव्नु गीता, हारीत गीता, काम गीता, पिंगला गीता, वृत्र गीता, शंपाक गीता, उद्धव गीता, मंकि गीता, व्याध गीता जैसी अनेक गीताएं हैं। इसके अलावा गुरु गीता, अष्ट्रवक गीता, गणेश गीता, अवधूत गीता, गर्भ गीता, परमहंस गीता, कर्म गीता, कपिल गीता, भिक्षु गीता, शंकर गीता, यम गीता, ऐल गीता, गोपीगीता, शिव गीता और प्रणव गीता आदि गीताएं हैं। आओ जानते है रामगीता के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
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राम गीता ( ):

1. जब लक्ष्मणजी अयोध्या से माता सीता को वाल्मिकी आश्रम के वन में छोड़कर आते हैं तो वे बहुत दुखी रहते हैं। तब जी उन्हें सांत्वना देते हैं। श्रीराम के इन्हीं प्रवचनों को राम गीता कहा गया।
2. श्रीमद्भागवत गीता की तरह ही बहुतसी 'श्रीराम गीताओं' का उल्लेख मिलता है। इन गीताओं में वेदान्त के आधार पर श्रीराम के परमब्रह्म स्वरूप का प्रतिपादन किया गया है।

3. इस श्रीरामगीता को गुरु ज्ञानवासिष्ठ तत्वसारायण का भाग माना जाता है। गीता की तरह इसमें भी 18 अध्याय हैं जो श्री राम-हनुमान संवाद के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
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4. इसी प्रकार ब्रह्मांड पुराण के उत्तर खंड में अध्यात्म रामायण है। इस अध्यात्म रामायण के पांचवें सर्ग में भी "श्रीराम गीता" नाम से एक गीता है। इसमें कुल 62 श्लोक हैं। लक्ष्मणजी के निवेदन पर इसे श्र रामचंद्रजी ने सुनाया था। इसमें कर्म की प्रवृत्ति और निवृत्ति की विवेचना की गई है।

5. एक और 'रामगीता सटीका' है जिसे स्कन्दपुराण के निर्वाणखंड का अंश माना जाता है। इसके 3 अध्यायों में श्री राम के परब्रह्म स्वरूप का प्रतिपादन किा गया है।

6. ऐसी ही एक और 'रामगीता टीका' का उल्लेख भी मिलता है जो उपर्युक्त 'रामगीता सटीका' से अलग है।



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