suvichar
✕

Ramadan month 2022 : Third Roza, बुराई से दूर और सीधी राह चलने की सीख देता है तीसरा रोजा

Updated: सोमवार, 4 अप्रैल 2022 (12:44 IST)
Ramadan 2022 India
 
Third roza in ramadan month 2022 मंज़िल पर पहुंचना तब आसान हो जाता है जब राह सीधी हो। मज़हबे इस्लाम में रोजा रहमत और राहत का राहबर (पथ-प्रदर्शक) है। रहमत से मुराद (आशय) अल्लाह की मेहरबानी से है और राहत का मतलब दिल के सुकून से है। 
 
अल्लाह की रहमत होती है तभी दिल को सुकून मिलता है। दिल के सुकून का ताल्ल़ुक चूंकि नेकी और नेक अमल (सत्कर्म) से है। इसलिए जरूरी है कि आदमी नेकी के रास्ते पर चले। रोजा बुराइयों पर लगाम लगाता है और सीधी राह चलाता है। पवित्र क़ुरान के पहले पारे (प्रथम अध्याय) 'अलिफ़ लाम मीम' की सूरत 'अलबक़रह' की आयत नंबर 213 में ज़िक्र है 'वल्लाहु य़हदी मय्यंशाउ इला सिरातिम मुस्तक़ीम।' 
 
इस आयत का तर्जुमा इस तरह है-' और अल्लाह जिसे चाहे सीधी राह दिखाएं।'
 
मग़फ़िरत (मोक्ष) की म़ंजिल पर पहुंचने के लिए सीधी राह है रोजा। मग़फ़िरत मामला है अल्लाह का और जैसा कि मज़कूर (उपर्युक्त) आयत में कहा गया है (कि अल्लाह जिसे चाहे सीधी राह दिखाए) उसके पसे-मंज़र यही बात है रोजा सीधी राह है। यानी रोजा रखकर जब कोई शख़्स अपने गुस्से, लालच, ज़बान, ज़ेहन और नफ़्स पर (इंद्रियों पर) काबू रखता है तो वह सीधी राह पर ही चलता है।
 
जैसा कि पहले भी कहा जा चुका है रोजा भूख-प्यास पर तो कंट्रोल है ही, घमंड, फ़रेब, (छल-कपट), फ़साद (झगड़ा), बेईमानी, बदनीयती, बदगुमानी, बदतमीज़ी पर भी कंट्रोल है। वैसे तो रोजा है ही सब्र और हिम्मत-हौसले का पयाम। लेकिन रोजा सीधी राह का भी है ए़हतिमाम। 
 
नेकनीयत से रखा गया रोजा नूर का निशान है। अच्छे और सच्चे मुसलमान की पहचान है।
 
प्रस्तुति- अज़हर हाशमी

ALSO READ: Second Roza : ख़्वाहिशों पर क़ाबू का नाम है दूसरा रोजा

ALSO READ: Ramadan month 2022 : रूह का सुकून और ईमान की पहल है 'पहला रोजा'

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख