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रामनवमी 2026: श्रीराम के 5 प्रमुख मंत्र, जाप करने से मिलेगा सबकुछ

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 26 मार्च 2026 (10:53 IST)
Benefits of Chanting Ram Names: रामनवमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन श्री रामनवमी का पावन पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है और उनके मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख, शांति, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उनकी भक्ति जीवन के हर संकट को दूर करने वाली मानी गई है।ALSO READ: अयोध्या में क्यों मनाया जाता है श्रीराम राज्य महोत्सव? जानें इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
 
मान्यता है कि रामनवमी के दिन यदि पूर्ण श्रद्धा के साथ श्री राम के विशेष मंत्रों का जाप किया जाए, तो सुख, शांति, धन और विजय की प्राप्ति होती है।

यहां श्री राम के 5 चमत्कारी मंत्र दिए गए हैं:

 

1. श्री राम तारक मंत्र

मंत्र: 'राम रामाय नमः'

 
* यह सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है। इसे 'तारक मंत्र' कहा जाता है क्योंकि यह मनुष्य को संसार रूपी सागर से तार देता है। इसके निरंतर जाप से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है।
 

2. संकट मोचन राम मंत्र

मंत्र: 'ॐ रां रामाय नमः'

 
* यदि आप जीवन में किसी बड़े संकट या बाधा से जूझ रहे हैं, तो इस बीज मंत्र का जाप करें। यह मंत्र आत्मविश्वास बढ़ाता है और कार्यों में आ रही रुकावटों को दूर करता है।
 

3. सुख-समृद्धि प्रदायक मंत्र

मंत्र: 'श्री राम जय राम जय जय राम'

 
* यह विजय मंत्र माना जाता है। हनुमान जी भी सदैव इसी मंत्र का स्मरण करते हैं। इस मंत्र के जाप से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है।
 

4. मनोकामना पूर्ति मंत्र (रामायण चौपाई)

मंत्र: 'कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।'

 
* हालांकि यह चौपाई हनुमान जी के लिए है, लेकिन श्री राम के चरणों में बैठकर इसका पाठ करने से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। यह विशेष रूप से अटके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए सिद्ध माना जाता है।ALSO READ: रामनवमी 2026: शुभ ग्रह-नक्षत्रों में जन्मे श्रीराम को क्यों झेलने पड़े जीवन के बड़े कष्ट?
 

5. मुक्ति और शांति हेतु मंत्र

मंत्र: 'राम' (नाम जप)

 
* 'राम' नाम अपने आप में एक पूर्ण महामंत्र है। शास्त्रों के अनुसार, हजारों मंत्रों के जाप का फल केवल एक बार 'राम' नाम लेने से मिल जाता है। यह अंतर्मन की शुद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
 

जाप करने की विधि:

समय: रामनवमी के दिन सुबह स्नान के बाद या दोपहर 12 बजे (राम जन्म के समय) जाप करना अत्यंत फलदायी होता है।
 
माला: यदि संभव हो तो तुलसी की माला से कम से कम 108 बार जाप करें।
 
दिशा: जाप करते समय अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
 
भोग: श्री राम को केसरिया भात या खीर का भोग जरूर लगाएं।
 
विशेष नोट: मंत्र जप के साथ-साथ यदि आप इस दिन रामचरितमानस के 'बालकांड' का पाठ करते हैं, तो घर में खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: रामनवमी 2026: 26 या 27 मार्च कब मनाएं? जानिए सही तारीख, तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

 
 

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