रक्षा बंधन : कौन-से देवी-देवता आपस में हैं भाई-बहन

पुनः संशोधित मंगलवार, 9 अगस्त 2022 (18:46 IST)
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Brothers Sisters of devi and devta: प्रतिवर्ष श्रावण मास में रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं। यह पर्व प्राचीनकाल से ही चला आ रहा है। वैदिक काल में भी राखी का त्योहार मनाया जाता था। आओ जानते हैं किस देवता या भगवान की है कौनसी बहन।

1. देवी मनसा और वासुकी : देवी मनसा के भाई नागराज वासुकी हैं। वासुकी शिव के गण हैं। मनाने से पहले मनसा देवी के भाई वासुकी को सबसे पहले राखी बांधी जाती है।

2. यम और यमुना : यमराज की बहन यमुना ने राखी बांधकर उन्हें अजरता और अमरता के वरदान से संपूर्ण किया था।
3. श्री विष्णु और सरस्वती : एक पौराणिक कथा के अनुसार श्रीविष्णु और माता सरस्वती आबस में बहन और भाई हैं।

4. श्री विष्णु और मीनाक्षी : दक्षिण भारत की प्रचलित मान्यता के अनुसार मीनाक्षी देवी नामक एक देवी भगवान शिव की पत्नी पार्वती का अवतार और भगवान विष्णु की बहन थीं।

5. भगवान शिव और असावरी देवी : कहते हैं कि पार्वती अकेली रहती थीं तो उन्होंने एक बार शिव से कहा कि काश मेरी ननद होती तो अच्छा होता। तब शिव ने अपनी माया से अपनी एक बहन की उत्पत्ति की और पार्वती देवी से कहा ये रही आपकी ननद।
6. राजा बाली और मां लक्ष्मी : श्रीहरि विष्णु को राजा बाली के बंधन से मुक्त कराने के लिए माता लक्ष्मी ने राजा बाली को राखी बांधी थी। तभी से रक्षा बंधन का पर्व प्रचलन में आया। राजा बाली ने रक्षा का वचन दिया।
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7. श्रीकृष्‍ण और सुभद्रा : भगवान कृष्ण की बहन सुभद्रा थीं। सुभद्रा की हर समय पर उन्होंने रक्षा की और अब वे श्रीकृष्ण के साथ ही जगनाथ पुरी में विराजमान हैं।
8. श्रीकृष्‍ण और द्रौपदी : शिशुपाल का वध करते समय सुदर्शन चक्र से भगवान श्रीकृष्ण की तर्जनी में चोट आ गई थी तो कहते हैं कि द्रौपदी ने लहू रोकने के लिए अपनी साड़ी फाड़कर उनकी अंगुली पर बांध दी थी। यह द्रोपदी का बंधन था। इसके बाद जब द्रौपदी का जब चीरहरण हो रहा था तब श्रीकृष्‍ण ने इस बंधन का फर्ज निभाया और द्रौपदी की लाज बचाई थी।

9. श्रीकृष्ण और एकानंगा : यह माता यशोदा की पुत्री थीं।
10. श्रीकृष्ण और योगमाया : देवकी के गर्भ से सती ने महामाया के रूप में इनके घर जन्म लिया, जो कंस के पटकने पर हाथ से छूट गई थी। कहते हैं, विन्ध्याचल में इसी देवी का निवास है। यह भी कृष्ण की बहन थीं, जिन्हें विंध्यवासीनी कहा जाता है।

11. श्रीराम और शांता : भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थी शांता। शांता राजा दशरथ और कौशल्या की पुत्री थीं। शांता का विवाह ऋषि श्रृंग से हुआ था। रामजी की एक और बहन थीं जिसका नाम कुकबी थी।
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12. श्री गणेश और कार्तिकेयजी की बहनें : गणेशजी की बहन का नाम है अशोक सुंदरी। अशोक सुंदरी के अलावा ज्योति (मां ज्वालामुखी) और मनसादेवी भी उनकी बहनें हैं।
14. शुभ और लाभ की बहन : गणेशजी के पुत्र शुभ और लाभ की बहन का नाम है संतोषी माता।

15. माता पार्वती के भाई : मां नंदा और लाटू देवता धर्म भाई-बहन हैं। लाटू देवता को मां पार्वती का भाई माना जाता है। विष्णुजी को भी माता पार्वती का बड़ा भाई माना जाता है। उनकी बहन मां गंगा है।

16. सूर्यदेव की बहन षष्ठी देवी : सूर्यदेव की बहन माता षष्ठी देवी है।
17. शनिदेवी की बहन : शनिदेव की तीन बहनें हैं- यमुना, ताप्ती और भद्रा।

18. माता लक्ष्मी के भाई : माता लक्ष्मी के दो भाई दाता और विधाता थे।



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