भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के बागी रहे किशनाराम नाई को इस बार बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से टिकट देकर प्रत्याशी बनाया है।
हालांकि श्रीडूंगरगढ जाट बहुल सीट है मगर पूर्व विधायक रहे चुके नाई के मजबूत वोट बैंक और क्षेत्र उनकी संघर्षशील छवि को देखते हुए भाजपा ने इस दफा उन पर चुनावी दांव खेला है। इस सीट से भाजपा के कई जाट दावेदार टिकट की दौड़ में जुटे हुए थे, जो विरोध की मुद्रा में आ गए हैं।
नोखा-लूनकरनसर में भी विरोध : भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशियों की पहली सूची मे लूनकरनसर से सुमित गोदारा व नोखा से सहीराम बिश्नोई को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि लूनकरनसर से वरिष्ठ भाजपा नेता मानिकचन्द सुराना 'जिताऊ उम्मीदवार' थे, वहीं नोखा से बिहारीलाल बिश्नोई के अलावा कोई और तगड़ा दावेदार नहीं था।
सूची आने के बाद लूनकरनसर से सुराना निर्दलीय चुनाव लड़ने का मूड बना चुके हैं तो नोखा में पार्टी के शहर अध्यक्ष ने पार्टी द्वारा बनाए गए प्रत्याशी का घोर विरोध किया है और समर्थन नहीं देने की बात कही है।