dipawali
✕

वैकुंठ चतुर्दशी की पवित्र कथा, जब विष्णु ने अपने नयन चढ़ाए शिव पर

Updated: गुरुवार, 2 नवंबर 2017 (15:02 IST)
प्राचीन मतानुसार एक बार भगवान विष्णु देवाधिदेव महादेव का पूजन करने के लिए काशी आए। वहां मणिकर्णिका घाट पर स्नान करके उन्होंने एक हज़ार स्वर्ण कमल पुष्पों से भगवान विश्वनाथ के पूजन का संकल्प किया। अभिषेक के बाद जब वे पूजन करने लगे तो शिवजी ने उनकी भक्ति की परीक्षा के उद्देश्य से एक कमल पुष्प कम कर दिया। भगवान श्रीहरि को पूजन की पूर्ति के लिए एक हज़ार कमल पुष्प चढ़ाने थे। एक पुष्प की कमी देखकर उन्होंने सोचा मेरी आंखें भी तो कमल के ही समान हैं। मुझे 'कमल नयन' और 'पुंडरीकाक्ष' कहा जाता है। यह विचार कर भगवान विष्णु अपनी कमल समान आंख चढ़ाने को प्रस्तुत हुए।

विष्णु जी की इस अगाध भक्ति से प्रसन्न होकर देवाधिदेव महादेव प्रकट होकर बोले- "हे विष्णु! तुम्हारे समान संसार में दूसरा कोई मेरा भक्त नहीं है। आज की यह कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी अब 'वैकुण्ठ चतुर्दशी' कहलाएगी और इस दिन व्रत पूर्वक जो पहले आपका पूजन करेगा, उसे बैकुंठ लोक की प्राप्ति होगी। भगवान शिव, इसी वैकुण्ठ चतुर्दशी को करोड़ों सूर्यों की कांति के समान वाला सुदर्शन चक्र, विष्णु जी को प्रदान करते हैं।  
 
इसी दिन शिव जी तथा विष्णु जी कहते हैं कि इस दिन स्वर्ग के द्वार खुले रहेंगें।  मृत्युलोक में रहना वाला कोई भी व्यक्ति इस व्रत को करता है, वह अपना स्थान वैकुण्ठ धाम में सुनिश्चित करेगा। 

Show comments

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 नवंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Narak Chaturdashi 2026: नरक चतुर्दशी पर कब करें पूजा और अभ्यंग स्नान? जानें सटीक शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री, विधि और कथा

Diwali 2026: दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त, नोट करें संपूर्ण पूजन विधि, सामग्री और कथा

नरक चतुर्दशी पर इस मुहूर्त में करें हनुमान पूजा, सभी संकट हो जाएंगे दूर, नरक के भय से मिलेगी मुक्ति

Diwali 2026: दिवाली की रात भूलकर भी न करें ये 5 तांत्रिक प्रयोग, हो सकता है भारी नुकसान

सभी देखें

Diwali 2026: दिवाली की रात चुपचाप कर लें ये 5 गुप्त प्रयोग, साल भर होगी अपार धन की वर्षा

धनतेरस पर आरोग्य की पूजा करें, अपने डॉक्टर को धन्यवाद दें

Dhanteras 2026: धनतेरस पर इस सरल विधि से करें भगवान धन्वंतरि की पूजा, नोट करें सटीक शुभ मुहूर्त और सामग्री

मंगल गोचर 2026: सिंह राशि में आ रहे हैं ग्रहों के सेनापति, इन 5 राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा

धनतेरस पर इन चीजों की है सबसे ज्यादा मांग, बर्तन-सोने के साथ छाए ये नए ट्रेंड्स, जानें क्या खरीद रहे हैं लोग?

अगला लेख