Hanuman Chalisa
✕

Phulera Dooj 2024: फुलेरिया दोज क्यों मनाया जाता है, जानिए शुभ मुहूर्त

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 12 मार्च 2024 (09:16 IST)
Phulera Dooj 2024 
 
HIGHLIGHTS
 
• फुलेरिया दोज पर कृष्ण और राधा से आशीर्वाद लिया जाता है।
• यह पर्व फाल्गुन के महीने में पड़ता है।
• होली के पहले फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है।

ALSO READ: फुलेरा दूज की पौराणिक कथा
 
Phulera Dooj subh muhurat 2024 : धार्मिक शास्त्रों के अनुसार फुलरिया/ फुलेरिया दोज/ फुलेरा दूज का पर्व हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए बहुत खास महत्व रखता हैं। यह त्योहार भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। उत्तर भारत के गांवों में फुलेरा दूज का उत्‍सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार पर फूलों से रंगोली बनाई जाती है तथा श्री राधा-कृष्‍ण का फूलों से विशेष रूप से श्रृंगार करके उनका पूजन किया जाता है। कैलेंडर के मतांतर के चलते यह पर्व 11 और 12 मार्च दोनों ही दिन मनाए जाने की संभावना है। 
 
वर्ष 2024 में फुलेरिया दोज पर्व 12 मार्च, दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है। फाल्गुन शुक्ल दूज के दिन कृष्णभक्त उनके मंदिरों में श्री कृष्ण के कमर में एक छोटा-सा रंगीन कपड़ा बांधते हैं, जिसका अर्थ यह होता है भगवान श्री कृष्ण राधा के साथ होली खेलने के लिए तैयार है, क्योंकि इसी दिन से होली के त्योहार की शुरुआत होती है। 
 
यहां आपकी सुविधा के लिए 2 दिन के मुहूर्त प्रस्तुत किए जा रहे हैं। जानिए किस शुभ मुहूर्त में करें राधा-कृष्ण की पूजा। आइए यहां जानते हैं फुलेरिया दोज पूजन के शुभ मुहूर्त के बारे में- 
 
फुलेरा दूज 2024 पूजा का शुभ समय : phulera dooj 2024 subh muhurat 
 
फुलेरा दूज सोमवार, 11 मार्च 2024 को
फाल्गुन द्वितीया तिथि का प्रारंभ- 11 मार्च 2024 को 02.14 ए एम से शुरू, 
द्वितीया तिथि का समापन- 11 मार्च 2024 को 10:43 पी एम होगा।
 
11 मार्च, सोमवार : दिन का चौघड़िया
 
अमृत- 05.33 ए एम से 07.05 ए एम
शुभ- 08.36 ए एम से 10.07 ए एम
चर- 01.10 पी एम से 02.42 पी एम
लाभ- 02.42 पी एम से 04.13 पी एम
अमृत- 04.13 पी एम से 05.44 पी एम
 
रात्रि का चौघड़िया
 
चर- 05.44 पी एम से 07.13 पी एम
लाभ- 10.10 पी एम से 11.39 पी एम
शुभ- 01.07 ए एम से 12 मार्च 02.36 ए एम, 
अमृत- 02.36 ए एम से 12 मार्च 04.05 ए एम,
चर- 04.05 ए एम से 12 मार्च 05.33 ए एम तक।
 
आज का शुभ समय
 
ब्रह्म मुहूर्त- 03.59 ए एम से 04.46 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04.22 ए एम से 05.33 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 11.14 ए एम से 12.03 पी एम
विजय मुहूर्त- 01.41 पी एम से 02.29 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 05.43 पी एम से 06.07 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 05.44 पी एम से 06.55 पी एम
अमृत काल- 10.19 ए एम से 11.43 ए एम
निशिता मुहूर्त- 11.15 पी एम से 12 मार्च 12.02 ए एम तक।

ALSO READ: Holika dahan 2024: होलिका दहन के दिन करें 5 सरल अचूक उपाय
 
12 मार्च 2024, मंगलवार के शुभ मुहूर्त 
 
दिन का चौघड़िया
 
चर - 08.36 ए एम से 10.07 ए एम
लाभ - 10.07 ए एम से 11.38 ए एम
अमृत - 11.38 ए एम से 01.10 पी एम
शुभ - 02.41 पी एम से 04.12 पी एम
 
रात्रि का चौघड़िया
 
लाभ - 07.12 पी एम से 08.41 पी एम
शुभ - 10.10 पी एम से 11.38 पी एम
अमृत - 11.38 पी एम से 13 मार्च 01.07 ए एम,
चर - 01.07 ए एम से 13 मार्च 02.36 ए एम तक।
 
12 मार्च 2024, दिन मंगलवार, शुभ समय 
 
ब्रह्म मुहूर्त- 03.59 ए एम से 04.46 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 04.22 ए एम से 05.33 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 11.14 ए एम से 12.03 पी एम
विजय मुहूर्त- 01.40 पी एम से 02.29 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 05.43 पी एम से 06.06 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 05.44 पी एम से 06.55 पी एम
अमृत काल- 09.51 ए एम से 11.16 ए एम
निशिता मुहूर्त- 11.15 पी एम से 12.02 ए एम,
03.20 ए एम, 13 मार्च से 04.48 ए एम, 
अमृत सिद्धि योग- 11.59 ए एम से 13 मार्च 05.33 ए एम, 
सर्वार्थ सिद्धि योग- 11.59 ए एम से 13 मार्च 05.33 ए एम,
रवि योग- 11.59 ए एम से 13 मार्च 05.33 ए एम तक।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: 24 मार्च को भद्रा के उपरांत होगा होलिका दहन, जानें सही समय और भविष्य-संकेत

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शुक्र-मंगल का केंद्र योग: किन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और लाभ के रास्ते

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 12 से 18 अक्टूबर 2026: आपके मूलांक का सटीक राशिफल, जानें किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार?

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथि, योग, घटस्थापना एवं पूजा के मुहूर्त और खास उपाय

दुर्गा आरती: जय अम्बे गौरी| Durga aarti om jai ambe gauri

सर्वपितृ शनिश्चरी अमावस्या पर श्राद्ध करने का सटीक समय, गजच्छाया योग और विधि

अगला लेख