biodatamaker
✕

महानंदा नवमी आज : पढ़ें यह पौराणिक व्रत कथा

Updated: बुधवार, 23 दिसंबर 2020 (11:46 IST)
mahananda navami vrat katha
 
श्री महानंदा नवमी व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक समय की बात है कि एक साहूकार की बेटी पीपल की पूजा करती थी। उस पीपल में लक्ष्मीजी का वास था। लक्ष्मीजी ने साहूकार की बेटी से मित्रता कर ली। 
 
एक दिन लक्ष्मीजी ने साहूकार की बेटी को अपने घर ले जाकर खूब खिलाया-पिलाया और ढेर सारे उपहार दिए। जब वो लौटने लगी तो लक्ष्मीजी ने साहूकार की बेटी से पूछा कि तुम मुझे कब बुला रही हो?
 
अनमने भाव से उसने लक्ष्मीजी को अपने घर आने का निमंत्रण तो दे दिया किंतु वह उदास हो गई। साहूकार ने जब पूछा तो बेटी ने कहा कि लक्ष्मीजी की तुलना में हमारे यहां तो कुछ भी नहीं है। मैं उनकी खातिरदारी कैसे करूंगी?
 
साहूकार ने कहा कि हमारे पास जो है, हम उसी से उनकी सेवा करेंगे।
 
फिर बेटी ने चौका लगाया और चौमुख दीपक जलाकर लक्ष्मीजी का नाम लेती हुई बैठ गई। तभी एक चील नौलखा हार लेकर वहां डाल गया। 
 
उसे बेचकर बेटी ने सोने का थाल, शाल दुशाला और अनेक प्रकार के व्यंजनों की तैयारी की और लक्ष्मीजी के लिए सोने की चौकी भी लेकर आई। थोड़ी देर के बाद लक्ष्मीजी गणेशजी के साथ पधारीं और उसकी सेवा से प्रसन्न होकर सब प्रकार की समृद्धि प्रदान की। अत: जो मनुष्य महानंदा नवमी के दिन यह व्रत रखकर श्री लक्ष्मी देवी का पूजन-अर्चन करता है उनके घर स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है तथा दरिद्रता से मुक्ति मिलती है तथा दुर्भाग्य दूर होता है।

ALSO READ: Mahananda Navami 2020: 23 दिसंबर को महानंदा नवमी, जानें कैसे करें पूजन

ALSO READ: 2021 कैसा रहेगा : क्या बन रहे हैं अगले वर्ष युद्ध के योग?

Show comments

सभी देखें

अंक भविष्यफल 2027 : मूलांक 1 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जानें करियर, धन और रिश्तों का हाल

धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ? जानें 8 चीजों का धार्मिक महत्व

01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?

शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन 7 राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल

धनतेरस पर आखिर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू? जानिए धार्मिक महत्व

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 अक्‍टूबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा? जानिए समुद्र मंथन की कथा

जगन्नाथ मंदिर के बाना में रहस्यमयी गांठ, क्या अर्नब तूफान से बच गया ओडिशा!

करवा चौथ पर चांद दिखने के बाद क्या करें? जानें पूजा और व्रत खोलने की विधि

करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा? दिल्ली, भोपाल, इंदौर समेत देखें सभी शहरों का समय

अगला लेख