suvichar
✕

हरतालिका तीज का नाम कैसे पड़ा, तीज पर पढ़ें पार्वती जी के 5 और शिव जी के 7 मंत्र

Updated: सोमवार, 10 सितम्बर 2018 (17:48 IST)
हरतालिका तीज का पर्व शिव और पार्वती के मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मां पार्वती ने 107 जन्म लिए थे कल्याणकारी भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए। अंततः मां-पार्वती के कठोर तप के कारण उनके 108वें जन्म में भोले बाबा ने पार्वती जी को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था। 
 
क्यों पड़ा हरतालिका तीज नाम? 
 
हरतालिका दो शब्दों से बना है, हर और तालिका। हर का अर्थ है हरण करना और तालिका अर्थात सखी। यह पर्व भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है, इसलिए इसे तीज कहते हैं। इस व्रत को हरतालिका इसलिए कहा जाता है, क्योंकि पार्वती की सखी उन्हें पिता के घर से हरण कर जंगल में ले गई थी। 
 
मां पार्वती को प्रसन्न करने के 5 मंत्र 
 
ॐ उमाये नमः। ॐ पार्वत्यै नमः। ॐ जगद्धात्रयै नमः। ॐ जगत्प्रतिष्ठायै नमः। ॐ शांतिरूपिण्यै नमः। 
 
भगवान शिव को प्रसन्न करने के 7 मंत्र 
 
ॐ शिवाय नमः। ॐ हराय नमः। ॐ महेश्वराय नमः। ॐ शम्भवे नमः। ॐ शूलपाणये नमः। ॐ पिनाकवृषेनमः। ॐ पशुपतये नमः। 

 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: घट स्थापना और पूजा के शुभ मुहूर्त

पितृ पक्ष 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर विदा होंगे पितर, जानें तिथि, पावन मुहूर्त और श्राद्ध कर्म विधि

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में अष्टमी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

श्राद्ध पक्ष 2026: अकाल मृत्यु को प्राप्त पितरों की मुक्ति के लिए इस दिन करें श्राद्ध

शारदीय नवरात्रि 2026: नवमी 19 अक्टूबर को है या 20 अक्टूबर को, जानिए सटीक तिथि

अगला लेख