dipawali
✕

अमी बेरा के पिता जेल से छूटे

Updated: गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017 (11:07 IST)
सेक्रामेंटो, कैलिफोर्निया। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के भारतीय अमेरिकी सदस्य अमी बेरा के पिता, 84 वर्षीय, बाबूलाल बेरा को 28 सितंबर को एफसीआई टर्मिनल आइलैंड की लो सिक्यूरिटी प्रिजन, सैन पैड्रो, ‍कैलिफोर्निया से रिहा कर दिया गया। इंडिया वेस्ट डॉट कॉम के अनुसार बेरा को एक साल की सुना सुनाई गई थी लेकिन उन्हें दो माह पहले ही रिहा कर दिया गया।  
 
बेरा पर प्रचार संबंधी वित्तीय कानूनों को तोड़ने के आरोप में सजा सुनाई गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने बेटे के चुनाव के दौरान अपने नाम से दूसरे लोगों का पैसा इस्तेमाल किया था। अमेरिकी कानून के अनुसार ऐसे लोगों को 'स्ट्रा डोनर' कहा जाता है। तमाम तरह की बीमारियों से पीडि़त बाबूलाल बेरा को तीन साल तक प्रोबेशन पर रहना पड़ेगा और इसके साथ एक लाख डॉलर का जुर्माना भी किया गया।  
 
कोर्ट दस्तावेजों के अनुसार बाबूलाल बेरा ने अपने बेटे के चुनाव प्रचार के लिए करीब तीन लाख डॉलर दिए थे जबकि बेरा और उनकी पत्नी कांता दोनों को चुनाव के लिए प्रत्येक केवल 2400 डॉलर देने की अनुमति थी। अमी बेरा के 2010 और 2014 के कांग्रेस के चुनावों में इस प्रकार सीमा से अधिक पैसा दिया और इसमें उनके परिजनों और मित्रों ने भी योगदान किया था।  
 
मई 2016 में, बाबूलाल बेरा संघीय प्रचार के वित्तीय कानूनों का दोबार कानून तोड़ने की बात मानी। पिछले अगस्त में उन्हें सजा सुनाई गई थी। हालांकि अमी बेरा के खिलाफ भी धोखाधड़ी की दोबारा जांच करने का आदेश दिया गया लेकिन बाद में मामला वापस ले लिया गया। जबकि कांता बेरा के खिलाफ कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया था।  
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख