sundarkand
✕

नवरात्रि पर्व 2019 : कब से शुरू हो रहे हैं दुर्गा पूजा के 9 पवित्र दिन, इन दिनों क्यों बोए जाते हैं जौ (जवारे)

Updated: सोमवार, 7 अक्टूबर 2019 (14:45 IST)
नवरात्रि, नवरात्र, नवदुर्गा,शक्ति उपासना, शरद नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि के दिव्य 9 दिन इस वर्ष 29 सितंबर 2019 से शुरू हो रहे हैं। 
 
आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि की 9 तिथियां : 
 
नवरात्रि पहला दिन(प्रतिपदा), 29 सितंबर 2019 (रविवार) :  घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजा। 
नवरात्रि दूसरा दिन (द्वितीया), 30 सितंबर 2019 (सोमवार) : मां ब्रह्मचारिणी पूजा। 
नवरात्रि तीसरा दिन (तृतीया), 1 अक्टूबर 2019, (मंगलवार) : मां चंद्रघंटा पूजा। 
नवरात्रि चौथा दिन  (चतुर्थी), 2 अक्टूबर 2019 (बुधवार) : मां कूष्मांडा पूजा। 
नवरात्रि पांचवां दिन  (पंचमी), 3 अक्टूबर 2019 (गुरुवार) : मां स्कंदमाता पूजा। 
नवरात्रि छठा दिन (षष्ठी‌), 4 अक्टूबर 2019 (शुक्रवार) : मां कात्यायनी पूजा।
नवरात्रि सातवां दिन  (सप्तमी), 5 अक्टूबर 2019 (शनिवार) : मां कालरात्रि पूजा। 
नवरात्रि आठवां दिन (अष्टमी), 6 अक्टूबर 2019, (रविवार) : मां महागौरी, दुर्गा महाष्टमी पूजा, नवमी पूजा 
नवरात्रि  नौवां दिन (नवमी), 7 अक्टूबर 2019, (सोमवार) : मां सिद्धिदात्री नवरात्रि पारणा। 
नवरात्रि दिन दसवां (दशमी), 8 अक्टूबर 2019, (मंगलवार) : दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी।
 
इन दिनों लोग अपने घर में जौ (जवारे) बोते हैं आइए जानते हैं इसके पीछे क्या मान्यता है... 
 
इसलिए बोई जाती है जौ: धर्मग्रन्थों के अनुसार सृष्टि की शुरूआत के बाद पहली फसल जौ ही हुई थी, इसलिए देवी-देवताओं की पूजा के समय हवन में जौ चढ़ाई जाती है। मान्यता अनुसार जौ बोने के पीछे प्रमुख कारण यही है कि जौ अन्न ब्रह्म है और हमें अन्न का सम्मान करना चाहिए।

नवरात्रि के पर्व के दौरान बोई गई जौ से भविष्य से संबंधित कुछ बातों के संकेत मिलते हैं। इस दौरान जौ का तेजी से और अच्छी तरह से बढ़ना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि कि नवरात्रि में जैसे-जैसे जौ बढ़ती है घर में मां की कृपा उतनी ही बढ़ती है। साथ ही यह जितनी हरी-भरी होगी घर में उतनी ही समृद्धि आएगी।
 
नवरात्रि में जौ बोने से मिलते हैं ये संकेत: बोया गया जौ दो से तीन दिन में ही अंकुरित हो जाता है, लेकिन अगर यह न उगे तो इसे भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता यानि कड़ी मेहनत के बाद ही किसी काम में सफलता हासिल होगी। 
 
अगर जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा हो इसका मतलब आने वाला साल का आधा समय ठीक रहेगा। 
 
यदि उगाई गई जौ का रंग नीचे से आधा हरा है और ऊपर से आधा पीला है तो इसका अर्थ है कि साल का शुरूआत में समय अच्छे से बीतेगा, लेकिन बाद में कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। 
 
अगर बोया हुआ जौ सफेद या हरे रंग में उग रहा है तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। यह इस बात का संकेत देता है कि आने वाला पूरा साल खुशियों से भरा होगा।

विशेष : ऐश्वर्य और समृद्धि के आशीर्वाद के लिए नवरात्रि में 9 दिनों तक हर तरह का शाही मेवा मां को अवश्य चढ़ाना चाहिए। शाही मेवा : काजू, बादाम, अखरोट, मखाने, पिस्ता, चारोली,किशमिश,मूंगफली,अंजीर.. 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख