Hanuman Chalisa
✕

कात्यायनी देवी देती है मनचाहे पति का आशीष, गोपियों ने की थी श्रीकृष्ण जैसा वर पाने के लिए इनकी उपासना

Updated: रविवार, 14 अक्टूबर 2018 (13:09 IST)
शक्ति पर्व शारदैय नवरात्रि के उपलक्ष्य में मां भगवती कात्यायनी का विशेष पूजन षष्ठी के दिन किया जाता है। यह खास तौर पर विवाह योग्य कन्याओं के लिए विशेष पूजन तथा मनोकामना पूर्ति का दिन माना जाता है। 
 
चारों ओर नवरात्रि महोत्सव पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रतिदिन भगवती का नयनाभिराम श्रृंगार एवं दिव्य आरती भक्तों को आकर्षित करती है। भगवती योगमाया कात्यायनी मां देवियों में सर्वाधिक सुंदर है। ऐसी सौंदर्य स्वरूपा का नवरात्रि में दर्शन का विशेष महत्व है।
 
विवाह योग्य कन्याओं एवं विशेष रूप में जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो, उनके लिए नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर विशेष पूजन किया जाता है। इस दिन प्रातःकाल से ही मां भगवती का अर्चन एवं पूजन किया जाता है। देवी भक्तों का अनुभव है कि यदि कोई कन्या इस षष्ठी पूजन को पूर्ण विधि-विधान एवं श्रद्धा से कर लें तो उसका विवाह एक वर्ष के भीतर ही हो जाता है। 
 
ज्योतिषाचार्य के अनुसार कोई भी विवाह योग्य कन्या यह पूजन कर सकती है। इसके लिए किसी विशेष अनुमति अथवा दान आदि का बंधन नहीं है। केवल श्रृंगार सामग्री एवं पूजन सामग्री से माता का पूजन फलदायी होता है।
 
चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। 
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥
 
भगवान कृष्ण जैसा पति पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी। यह पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी। इसीलिए वह ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है। ये स्वर्ण के समान चमकीली हैं और भास्वर हैं। गोपियों द्वारा पढ़ा यह मंत्र विवाह के लिए अत्यंत असरकारी व लोकप्रिय है।  
 
कात्यायनी, महामाया महायोगीन्यधीश्वरी 
नंद गोप सुतं देवी पति में कुरुते नम: 
 
दुर्गा के इस रूप कात्यायनी को आयुर्वेद औषधि में कई नामों से जाना जाता है। जैसे- अम्बा, अम्बालिका, अम्बिका  माचिका भी कहते हैं। कात्यायनी कफ, पित्त, अधिक विकार एवं कंठ के रोग का नाश करती है। 

ALSO READ: अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष देती है यह देवी, पढ़ें दुर्गा की छठवीं शक्ति मां कात्यायनी की कथा

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

वृंदावन में कब है पावन राधा कुंड स्नान? जानिए मध्यरात्रि स्नान का शुभ मुहूर्त और पूजा की संपूर्ण विधि

अहोई अष्टमी 2026: संतान की लंबी उम्र के लिए कब रखें व्रत? जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और तारों को अर्घ्य देने की विधि

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 अक्‍टूबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

करवा चौथ पर निर्जला व्रत रख रहे हैं तो रखें ये 5 सावधानियां, जान लें चंद्रोदय का समय

13 नवंबर तक वक्री रहेंगे बुध: इन 5 राशियों के जीवन में आएगा बड़ा ट्विस्ट, खुलेगा तरक्की का रास्ता!

अगला लेख