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चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर करें 8 खास उपाय, जिससे होंगे 8 फायदे

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 (16:58 IST)
Durga Ashtami upay 2025:  धार्मिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिवर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को महा अष्टमी का व्रत रखकर माता दुर्गा के 8वें स्वरूप महागौरी की पूजा करते हैं। इस बार उदयातिथि के मान से 5 अप्रैल 2025 शनिवार को महाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। चैत्र नवरात्रि व्रत और साधना का दिन होता है। इस दिन 8 खास कार्य करने से 8 तरह के फायदे होंगे।ALSO READ: चैत्र नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि का क्या है महत्व?
 
दुर्गा अष्टमी के उपाय: Durga Ashtami upay 2025
1. हवन | Ashtami Havan : कई लोगों के यहां सप्तमी, अष्टमी या नवमी के दिन व्रत का समापन होता है, तब अंतिम दिन हवन किया जाता है। अष्‍टमी के दिन हवन करना शुभ होता है। इसे सभी तरह के रोग और शोक दूर हो जाते हैं। इसे सभी तरह के संकटों का समाधान भी होता है। 
 
2. कन्या भोज | Kanya bhojan: जब व्रत के समापन पर उद्यापन किया जाता है तब कन्या भोज कराया जाता है। अष्‍टमी पर 9 कन्याओं को भोजन कराने के बाद छोटी कन्याओं को छोटे-छोटे पर्स में दक्षिणा रखकर लाल रंग के किसी भी गिफ्ट के साथ भेंट करें। इसे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।ALSO READ: चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी तिथि कब रहेगी, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?
 
3. संधि पूजा | Ashtami puja aarti : इस दिन माता रानी की प्रात: आरती, दोपहर आरती, संध्या आरती और संधि आरती करते हैं। संधि आरती अष्टमी तिथि के समापन और नवमी के प्रारंभ के समय करते हैं। इससे अष्टमी और नवमी दोनों की ही पूजा हो जाती है। यह पापों का नाश करने वाली पूजा मानी गई है।
 
4. लाल चुनरी | Lal chunari : माता को इस दिन लाल चुनरी अर्पित करना चाहिए। आप चाहें तो आरती और पूजा के दौरान इस दिन 5 प्रकार के सूखे मेवे लाल चुनरी में रखकर माता रानी को अर्पित करें। इसे माता प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती है।
 
5. लाल ध्वज | Lal dhwaja : देवी मंदिर में लाल रंग की ध्वजा अर्पित करें, चाहें तो मंदिर के गुंबद पर लगा सकते हैं। इसे कार्यक्षेत्र में सफलत और विजय प्राप्त होती है।ALSO READ: कृष्ण पक्ष की अष्टमी को क्यों कहते हैं कालाष्टमी?
 
6. देवी को लगाएं भोग | Durga mata ka bhog : अष्टमी के दिन माता के मंदिर में जाकर लाल चुनरी में मखाने, बताशे के साथ सिक्के मिलाकर देवी को अर्पित करें। इसके साथ ही देवी को मालपुए और खीर का भोग लगाएं। इससे घर में बरकत बनी रहती है। 
 
7. शनि मुक्ति के लिए करें पूजा | Durga puja for shani dosh mukti : अष्टमी और नवमी तिथि पर शनि का भी प्रभाव रहता है। इस दिन माता की अच्छे से आराधना करने से शनि के प्रभाव से माता रक्षा करती हैं।
 
8. सुहागिनों के दें श्रृंगार का सामान | 16 shringar : इस दिन सुहागिन स्त्री को चांदी की बिछिया, कुमकुम से भरी चांदी की डिबिया, पायल, अम्बे माता का चांदी का सिक्का और अन्य श्रृंगार की सामग्री भेंट करें। इससे पति की लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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