राष्ट्रपति बोले, तकनीकी के नुकसान व फायदे दोनों ही

अवनीश कुमार| Last Updated: शनिवार, 30 नवंबर 2019 (15:54 IST)
कानपुर। उत्तरप्रदेश के कानपुर राष्ट्रपति अपने 2 दिवसीय दौरे पर कानपुर पहुंच गए हैं। 42 मिनट देरी से चकेरी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वे कानपुर के पनकी स्थित पीएसआईटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल होने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। यहां पर बांग्लादेश, ओमान, सिंगापुर समेत अन्य देशों से शिक्षाविद व वैज्ञानिकों ने व्याख्यान दिया।
इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएसआईटी कॉलेज में रीसेंट एडवांसमेंट इन कम्प्यूटर साइंस कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विषय पर हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में कहा कि आईआईटी, कानपुर देश के सबसे पुराने आईआईटी में एक है। ऐसे संस्थान प्रदूषण व जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली समस्याओं का समाधान तलाश रहे हैं।

कपड़ा व चर्म उद्योग में विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाला कानपुर आज तक तकनीकी के साथ प्रदूषण में भी आगे बढ़ा है। तकनीकी के नुकसान व फायदे दोनों हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में भी कहीं न कहीं तकनीकी की भूमिका भी रहती है। इसका समाधान भी तकनीकी निकाला जा सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग व इंटरनेट ऑफ थिंग्सथैंक्स ने जहां काम को आसान व पारदर्शी बनाया है, वहीं कामकाजी मनुष्य की जरूरत भी कम हुई है। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में इन समस्याओं पर और सारे पहलुओं पर मंथन किया जाना चाहिए और वैज्ञानिक, शिक्षाविद व शोधार्थी मिलकर इसका समाधान तलाश सकते हैं। आज खुशी की बात है कि महान वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बोस का जन्मदिन भी है।
इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रोफेसर विनय कुमार के साथ शिक्षाविद व प्रोफेसर मौजूद रहे। बताते चलें कि 2 दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रपति देर रात कानपुर के सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।


और भी पढ़ें :