दिल्ली में ऑड-ईवन पर उबर का बड़ा फैसला, ग्राहकों को होगा फायदा

Last Updated: बुधवार, 16 अक्टूबर 2019 (22:02 IST)
नई दिल्ली। मोबाइल एप से टैक्सी बुलाने की सुविधा देने वाली चार से 15 नवंबर के बीच ऑड-ईवन योजना के दौरान अपनी मांग आधारित किराया वृद्धि प्रणाली (सर्ज प्राइसिंग) को बंद रखेगी। उबर के इस फैसले से ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा।

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ऑड-ईवन योजना के दौरान शहर के दौरान यातायात सुचारू बनाने रखने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करना चाहते हैं। इसलिए इस अवधि में हमने अपनी मांग आधारित किराया वृद्धि प्रणाली को बंद रखने का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा कि
सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं और इसकी सफलता की कामना करते हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में जाम की समस्या से निपटने और प्रदूषण में कमी लाने के लिए सम-विषम योजना अपरिहार्य है।

क्या है सर्ज प्राइसिंग : महानगरों में भीड़ बढ़ने (पीक ऑवर) के दौरान टैक्सी की मांग बढ़ने पर ओला-उबर जैसी एप आधारित टैक्सी कंपनियां अपनी दरों में बढ़ोतरी कर देती हैं जिसे सर्ज प्राइसिंग कहा जाता है। बढ़ा हुआ किराया डेढ़ गुना तक हो जाता है।

दिल्ली-एनसीआर में जहरीली धुंध का प्रकोप : दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई इलाकों में बुधवार को विषैली धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रही। दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता का स्तर गिरने के पीछे मुख्य वजह पड़ोसी राज्यों में पराली जलाये जाने को बताया, जो अक्टूबर-नवंबर में हर साल होता है।
15 अक्टूबर से 15 नवंबर का समय बहुत अहम माना जाता है जब पंजाब और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की सर्वाधिक घटनाएं सामने आती हैं। यह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण है।


और भी पढ़ें :