15 अगस्त : लगातार छठे साल लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

पुनः संशोधित बुधवार, 14 अगस्त 2019 (23:48 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की पृष्ठभूमि में गुरुवार को के मौके पर लाल किले की प्राचीर से लगातार छठी बार देश को संबोधित करेंगे।
उम्मीद जताई जा रही है कि अपने इस संबोधन में वे जम्मू-कश्मीर के संबंध में अपनी सरकार के महत्वपूर्ण फैसले और अर्थव्यवस्था की स्थिति समेत कई मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।

भारी जनादेश के साथ भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राजग की सत्ता में वापसी के बाद प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम यह पहला संबोधन होगा।

इस वार्षिक समारोह में मोदी अक्सर अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं ‘स्वच्छ भारत’ , ‘आयुष्मान भारत’, और भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के बारे में बातें करते आए हैं। साथ ही वे अपनी कमान में देश के प्रदर्शन को भी प्रमुखता से पेश करते रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐतिहासिक फैसला अवश्य ही मोदी के भाषण में होगा।
राष्ट्र के नाम अपने पिछले सप्ताह के संबोधन में मोदी ने घाटी के लोगों को विकास और शांति का वादा किया था। प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद उन्होंने तमाम आशंकाओं को दूर करने का वादा किया था।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त महानिदेशक मुनीर खान ने कहा है कि राज्य में हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू में प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिए गए हैं जबकि कश्मीर में कुछ जगहों पर अभी प्रतिबंध जारी रहेंगे।

लाल किले की प्राचीर से मोदी का यह लगातार छठा भाषण होगा और वे इस उपलब्धि के मायने में भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समकक्ष हो जाएंगे जिन्होंने 1998 से 2003 के बीच लगातार 6 बार लाल किले की प्राचीर से को भाषण दिया था।

बिखरा नजर आता है विपक्षी खेमा : विपक्षी खेमे की बात करें तो वहां पूरी तरह बिखराव नजर आता है और उसकी ओर से मोदी को कोई चुनौती पेश होती नहीं दिख रही है। और यह बात भी गौर करने लायक है कि मोदी साल 2014 के मुकाबले इस बार अधिक प्रचंड बहुमत लेकर आए हैं । ऐसे में बहुत से लोगों का मानना है कि वह समाज के विभिन्न तबकों के लिए कुछ राहतों या सुधारों की घोषणा कर सकते हैं। ऐसी भी लोगों की राय है कि मोदी संभवत: कमजोर होती अर्थव्यवस्था को लेकर उत्पन्न चिंताओं का समाधान करें।
प्रधानमंत्री ने अक्सर अपनी प्रिय परियोजनाओं के प्रति जनता का समर्थन जुटाने के लिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का उल्लेख किया है और इस बार हो सकता है कि वे जल संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता दें जो कि उनके दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दिल्ली में 41 सरकारी स्कूलों की 3500 छात्राएं, 5 हजार दर्शक बच्चे और 17 स्कूलों के 700 एनसीसी कैडेट, मोदी के भाषण स्थल पर ‘नया भारत’ शब्दों की रचना करेंगे और ‘एकता में मजबूती’ को रेखांकित करेंगे।
प्रधानमंत्री को सलामी गारद पेश करने वाले दस्ते में एक अधिकारी तथा सेना, नौसेना और वायुसेना के 24-24 जवान शामिल होंगे। यह दस्ता लाल किले की प्राचीर के ठीक नीचे, राष्ट्रीय ध्वज के सामने तैनात रहेगा।

सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उनके सहयोगी मंत्री श्रीपद यसोनाइक, सेना प्रमुख बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख मार्शल बिरेन्द्र सिंह धनोआ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मबीर सिंह उनका स्वागत करेंगे।

 

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