Nirbhaya Case : दोषी विनय की अर्जी को पटियाला हाउस कोर्ट ने किया खारिज, मानसिक बीमारी का किया था बहाना

Last Updated: शनिवार, 22 फ़रवरी 2020 (17:38 IST)
नई दिल्ली। ने निर्भया के 4 दोषियों में से एक विनय शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि तिहाड़ जेल की रिपोर्ट के मुताबिक दोषी विनय शर्मा की दिमागी हालत ठीक है। उसके दिमागी हालात को लेकर कराने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने प्रशासन से निर्भया को सभी दोषियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा है।
विनय की ओर से लगाई गई याचिका में कहा गया था कि विनय की दिमागी हालत ठीक नहीं है। विनय सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है। उसका मानसिक चिकित्सालय में इलाज करवाया जाए। याचिका में कहा गया था कि विनय अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा है।

याचिका खारिज होने के बाद निर्भया की मां ने कहा कि यह दोषियों की फांसी बचने की एक रणनीति है। दोषी अदालत को गुमराह कर रहे हैं।
दोषियों ने फांसी से बचने के लिए सभी कानूनी विकल्पों को समाप्त कर दिया है। मुझे विश्वास है कि दोषियों को 3 मार्च को फांसी दी जाएगी। उन्होंने लगभग सभी कानूनी उपायों को समाप्त कर दिया है और मुझे विश्वास है कि उन्हें 3 मार्च को फांसी दी जाएगी।

याचिका पर सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन ने कहा कि दोषी विनय शर्मा ने जेल में अपना सिर फोड़ लिया था। हाथ में भी चोट आई है। डॉक्टर ने रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया है।

जेल प्रशासन ने कहा कि दोषी विनय का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है। उसका इलाज कोर्ट के मुताबिक ही हुआ है। विनय को कोई मानसिक बीमारी नहीं हुई है। जेल के डॉक्टर ने इसकी पुष्टि की है। सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह ने कोर्ट से कहा कि तिहाड़ प्रशासन ने यह जानकारी क्यों छिपाई?
दोषी विनय ने दो बार फोन पर बातचीत भी की है। पहली बार अपनी मां से बात की है, वहीं दूसरी बार अपने वकील से। ऐसे में यह कहना कि दोषी विनय अपनी मां को नहीं पहचान रहा है, यह गलत बात है। निर्भया के दोषियों को तीसरी बार डेथ वॉरंट जारी किया है जिसमें 3 मार्च को फांसी दी जानी है।


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