अग्निवीरों को नौकरी में मिलेगी प्राथमिकता, गृह मंत्रालय से लेकर राज्यों तक सभी देंगे मौका

Last Updated: बुधवार, 15 जून 2022 (15:50 IST)
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नई दिल्ली। थल सेना, नौसेना और वायु सेना में विशेष ‘अग्निपथ’ योजना के तहत अल्पकालिक अनुबंध पर भर्ती होने वाले ‘अग्निवीर’ सैनिकों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और में भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी।

केंद्रीय ने बताया कि योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वालों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।

गृह मंत्रालय ने कहा कि अग्निपथ योजना देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक दूरदर्शी एवं स्वागतयोग्य कदम है। इस संबंध में, आज गृह मंत्रालय ने फैसला किया है कि इस योजना के तहत चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को और असम राइफल्स की भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।
गृह मंत्रालय के इस फैसले से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘अग्निपथ’ योजना के तहत प्रशिक्षित युवा देश की सेवा एवं सुरक्षा में आगे भी योगदान दे पाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बुधवार को घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस और संबंधित सेवाओं में भर्ती के लिए 'अग्निवीरों' को प्राथमिकता देगी।

आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा कि मां भारती की सेवा के उपरांत अग्निवीरों को उप्र सरकार प्रदेश पुलिस एवं संबंधित अन्य सेवाओं में प्राथमिकता प्रदान करेगी। युवाओं के उन्नयन एवं उनके सुरक्षित भविष्य के लिए भाजपा की डबल इंजन की सरकार सतत समर्पित एवं पूर्णतः प्रतिबद्ध है। जय हिंद!
मध्यदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि भारतीय सेना में अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिकों को मध्यप्रदेश पुलिस की भर्ती में वरीयता दी जाएगी।

चौहान ने इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे जवान जो अग्निपथ योजना में सेवाएं दे चुके होंगे, उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस की भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा ‍कि अग्निपथ योजना युवाओं को सेना से जोड़ेगी और 45 हजार नौकरियां पैदा करेगी।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी।
योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।



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