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Last Updated: रविवार, 5 नवंबर 2017 (14:58 IST)

हिमाचल प्रदेश में मोदी बोले, कांग्रेस मैदान छोड़कर भागी

ऊना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की आंधी के आगे कांग्रेस का कोई बड़ा नेता यहां चुनाव के लिए आने का साहस नहीं जुटा पा रहा है और राज्य में मुकाबला अब एकतरफा हो गया है।
 
मोदी ने यहां भाजपा की एक बड़ी चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य में चुनावी माहौल को सहजता से महसूस किया जा सकता है। यहां कांग्रेस के मैदान छोड़ कर भाग गई है और माहौल पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में है। राजनीति में हार-जीत तो होती रहती है लेकिन विपक्ष की गैर मौजूदगी से यहां चुनाव लड़ने में मजा नहीं आ रहा है। 
 
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि क्या वजह है कि राज्य देश में उसके सर्वाधिक शासनकाल के बाद भी आम नागरिक शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से महरूम है।
 
स्थानीय मुद्दों को पकड़ते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं और इसके लिए यहां रेल, सड़क और हवाई सम्पर्क का विकास बेहद जरूरी है लेकिन कांग्रेस ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। 
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में रेल सम्पर्क बढ़ाने को लेकर उनकी सरकार ने सोचा और इसके लिए बजटीय प्रावधान किया है। राज्य में पार्टी की सरकार बनने पर ऊना-हमीरपुर रेललाईन का भी सपना पूरा होगा। यहां सड़क और हवाई व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा जिससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गरीबों और युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य को भी आर्थिक लाभ होगा।
 
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश का तेजी से विकास करना चाहती है और इसका गरीब और युवा सहित आम जनता को लाभ पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है।

मोदी ने कहा कि सरकार ने देश को लूट और भ्रष्टाचार से बचाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय योजनाओं का अवैध रूप से लाभ ले रहे लोगों को सरकार ने ढूंढ निकाला है। रसोई गैस और पेंशन को आधार से लिंक किए जाने से सरकार ने लगभग 57 हजार करोड़ रुपए बचाए हैं। ऐसे लाखों लोगों का पता चला है जो फर्जी नामों से और यहां तक ऐसे लोगों के नामों से इस योजनाओं का लाभ ले रहे थे जिनका कोई अस्तित्व तक नहीं है। अब ये सभी दुकानें बंद हो चुकी है और जो इनमें संलिप्त थे उनकी बौखलाहट स्वभाविक है और वे उन पर अब तरह तरह से हमले बोल रहे हैं।
 
जीएसटी को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर एक समान कर प्रणाली शुरू की है जिससे बहुस्तरीय कर प्रक्रिया समाप्त हुई है। उन्होंने दावा किया कि जनता से इसका स्वागत किया है तथा किसी भी व्यापारी या व्यपारियों के संघों ने इसका विरोध नहीं किया है। इससे राज्यों के बीच माल का आवागमन आसान होने के साथ राज्यों की सीमाओं पर चुंगी का भुगतान करने और कई-कई दिनों तक असंख्य ट्रकों के फंसे रहने की समस्याएं समाप्त हुई हैं।
 
उन्होंने कहा सरकार ने अपने वादे के अनुरूप व्यापारियों को नई कर व्यवस्था के तहत आने वाली परेशानी से निकालने के लिए हाल ही में अनेक फैसले लिए हैं। जीएसटी परिषद की नौ-दस नवम्बर को पुन: बैठक होने जा रही है और इसमें और कई फैसले लिए जाएंगे तथा यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
 
मोदी ने कहा कि सरकार जल्द ही बेनामी सम्पत्ति पर चोट करने जा रही है। जिन लोगों ने देश को लूट कर नौकरों और ड्राईवरों के नाम सम्पत्तियां बनाई हैं उनके लिए आने वाला समय अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्ष तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय बेनामी सम्पत्ति कानून बना था लेकिन जब यह लगा कि वे स्वयं ही इसमें फंसे जाएंगे तो इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। उनकी सरकार इस कानून में कई और कड़े प्रावधान कर इसे लागू करने जा रही है जिनसे कोई भी बेनामी सम्पत्ति वाला बच नहीं पाएगा।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने देशहित में लूट, भष्टाचार, काला धन को लेकर अनेक जो कड़े कदम उठाये हैं। सरकार ने लगभग तीन लाख फर्जी कम्पिनयों का पता लगा कर इनके माध्यम से हो रहे काले धन के लेन देन का भी भंडाफोड़ किया है। सरकार की कार्रवाई से कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष परेशान है और वह आठ नवम्बर को अब काला धन दिवस मना कर सरकार को कड़े फैसले लेने से रोकने के लिए दबाव बनाने की रणनीति बना रहा है।मोदी ने विपक्ष को चेतावनी दी कि सरकार कदापि ऐसे किसी भी दबाव में नहीं आने वाली है।   (वार्ता)