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Vaishno Devi : वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों ने बनाया अनोखा कीर्तिमान, दान में मिले 171 करोड़ रुपए और 27 किलो सोना

वैष्णोदेवी मंदिर में 2024-25 में जनवरी तक 171.90 करोड़ रुपए का दान मिला है जबकि मंदिर में दिए गए चढ़ावे में 27.7 किलोग्राम सोना और 3,424 किलोग्राम चांदी है

Updated: रविवार, 16 मार्च 2025 (17:13 IST)
Mata Vaishno Devi Shrine Donation : हालांकि तिरुपति बालाजी के बाद वैष्णो देवी का तीर्थस्थान भगवान में आस्था और श्रद्धा रखने वालों के लिए दूसरे स्थान पर है पर वैष्णो देवी के तीर्थस्थान पर आने वालों व उनके द्वारा दिए जाने वाले दान में अप्रत्याशित वृद्धि के बावजूद यह तीर्थस्थान तिरुपति को मिलने वाले दान से काफी पीछे है।  यह सच है कि सिर्फ पिछले साल ही तिरुपति बालाजी में दान के आंकड़े चौंकाने वाले थे। वर्ष 2023 में तिरुपति बालाजी में 773 करोड़ का दान श्रद्धालुओं द्वारा किया गया था जबकि 1031 किलो सोना भी चढ़ाया गया था। और यह भी सच है कि इस बार माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल को मिले दान में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। 
 
कब कितनी राशि मिली
वित्त वर्ष 2024-25 में जनवरी तक 171.90 करोड़ रुपए का दान मिला है जबकि 2020-21 में दान की राशि 63.85 करोड़ रुपए थी। जबकि मंदिर में दिए गए चढ़ावे में 27.7 किलोग्राम सोना और 3,424 किलोग्राम चांदी है। यह जानकारी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने दी है।

आभूषण और सोने की बात करें तो वित्त वर्ष 2020-21 में 9.075 किलोग्राम सोना, 2021-22 में 26.351 किलोग्राम, 2022-23 में 33.258 किलोग्राम, 2023-24 में 23.477 किलोग्राम और 2024-25 (जनवरी तक) में 27.717 किलोग्राम सोना चढ़ाया गया था। जबकि मंदिर को दान के रूप में वित्त वर्ष 2020-21 में 753.630 किलोग्राम चांदी, 2021-22 में 2400.705 किलोग्राम, 2022-23 में 3756.582 किलोग्राम, 2023-24 में 4072.486 किलोग्राम और 2024-25 (जनवरी तक) में 3424.538 किलोग्राम चांदी मिली है।
 
बोर्ड का कहना है कि जो धातु मिले हैं वे अशुद्ध रूप में है इसलिए अभी उसकी कीमत नहीं बताई जा सकती है। येलो मेटल सोने जैसा दिखता है जबकि सफेद मेटल चांदी जैसा दिखता है। इसको गलाने के बाद इसे सिक्के के रूप में ढाला गया है।
 
एक आरटीआई के जवाब में श्राइन बोर्ड ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में 63.85 करोड़, 2021-22, में 166.68 करोड़, 2022-23 में 223.12 करोड़ और 2023-24 में 231.50 करोड़ का दान प्राप्त हुआ था जबकि 2024-25 के वित्त वर्ष में जनवरी महीने तक 171.90 करोड रुपये के दान मिले हैं। 2020 में कोरोना के वक्त 17.20 लाख तीर्थयात्री पहुंचे थे जो कि पिछले तीन दशकों में सबसे कम हैं। तीर्थस्थान कोविड-19 महामारी के कारण 5 महीने के लिए बंद था। यह अगस्त 2020 में दोबारा खुला था। 
 
कब कितने श्रद्धालु पहुंचे 
जानकारी के लिए 1986 में वैष्णो देवी में 13.95 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे जबकि श्राइन बोर्ड ने तीर्थस्थल के प्रबंधन की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद से हर साल तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2021 में 1.04 करोड़ तीर्थयात्री पहुंचे थे जबकि 2011 में 1.01 करोड़ तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका था। 2021 में 55.88 लाख तीर्थयात्री माता के दरबार पहुंचे थे जबकि 2022 में 91.25 लाख, 2023 में 95.22 लाख और 2024 में 98.84 लाख तीर्थयात्री पहुंचे थे।
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें

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