गुरुवार, 18 जुलाई 2024
  • Webdunia Deals
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Many essential medicines are exempt from GST, decision taken in council meeting
Written By
Last Updated : शुक्रवार, 17 सितम्बर 2021 (21:32 IST)

खुशखबर, कई जरूरी दवाएं GST से मुक्‍त, परिषद की बैठक में हुआ फैसला

खुशखबर, कई जरूरी दवाएं GST से मुक्‍त, परिषद की बैठक में हुआ फैसला - Many essential medicines are exempt from GST, decision taken in council meeting
लखनऊ। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं पर लागू रियायती जीएसटी दरों का समय 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया है। वहीं कैंसर के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं पर कर दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का भी निर्णय किया है। जबकि पेट्रोल और डीजल को फिलहाल जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा रहा है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने पेट्रोल और डीजल को फिलहाल जीएसटी के दायरे में नहीं लाने का निर्णय किया है। जीएसटी परिषद की यहां हुई 45वीं बैठक के बाद उन्होंने यह भी कहा कि डीजल में मिलाए जाने वाले बायोडीजल पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।

सीतारमण ने जीएसटी परिषद की बैठक में किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा, जीएसटी परिषद का मानना है कि यह समय पेट्रोलियम पदार्थों को माल एवं सेवा कर के दायरे में लाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद ने कोविड उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं पर लागू रियायती जीएसटी दरों का समय 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया है।

परिषद ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं पर कर दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का भी निर्णय किया है। इसके अलावा, माल ढुलाई वाहनों के परिचालन के लिए राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले राष्ट्रीय परमिट शुल्क से छूट देने का फैसला किया गया है।

सीतारमण ने कहा कि परिषद ने जूता-चप्पल और कपड़ों पर एक जनवरी, 2022 से उल्टा शुल्क ढांचे (कच्चे माल पर कम और तैयार माल पर अधिक शुल्क) को ठीक करने को लेकर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि कलम पर 18 प्रतिशत की एकल दर से जीएसटी जबकि विशिष्ट नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर 12 प्रतिशत माल एवं सेवा कर लगाने का निर्णय किया गया है।
परिष्द द्वारा लिए गए एक अन्य फैसले में कहा गया है कि स्विगी और जोमैटो जैसी ई-वाणिज्य इकाइयां उनके जरिए आपूर्ति की जाने वाली रेस्तरां सेवा पर जीएसटी का भुगतान करेंगी, यह कर डिलिवरी बिंदु पर वसूला जाएगा।(भाषा) 
ये भी पढ़ें
अनजाने बुखार का कहर, कई राज्‍यों में बच्‍चों की मौत