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Last Updated : सोमवार, 16 मार्च 2026 (16:49 IST)

शौक पड़ा भारी! शख्स ने प्राइवेट पार्ट में डाली पानी की बोतल, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जान, क्‍या है पूरा माजरा

Bottle in Private Parts
यूपी के आगरा में एक युवक ने ऐसा काम किया कि हर कोई हैरान है। दरअसल उसने अपने मल द्वार में एक लीटर की पानी की बोतल अंदर घुसा ली, लंबी मशक्‍कत के बाद बोतल बाहर नहीं निकली तो अस्‍पताल जाना पडा। करीब 36 घंटे तक बोतल मलाशय में फंसी रही। इसके बाद करीब सवा घंटे के ऑपरेशन के बाद बोतल को डॉक्‍टरों ने बाहर निकाला।

असहनीय दर्द से पीड़ित मरीज की नवदीप हास्पिटल में सर्जरी कर बोतल निकाली गई। रविवार को मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। युवक साइको सेक्सुअल डिसआर्डर एनल एयरोटिसिस्म से पीड़ित है।

नवदीप हास्पिटल, साकेत कालोनी में 38 वर्ष के शादीशुदा युवक को मंगलवार को भर्ती किया गया। हास्पिटल के निदेशक वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि युवक का एक्सरे करने पर मलाशय में एक लीटर की पानी की बोतल फंसी हुई थी, इससे असहनीय दर्द हो रहा था। युवक ने रविवार को खुद ही अपने मल द्वार से एक लीटर की पानी की बोतल घंदर घुसा ली थी।

बोतल मलाशय तक पहुंच गई और बाहर नहीं निकली, युवक ने काफी प्रयास किए जब बोतल बाहर नहीं निकल सकी तो वह निजी अस्पताल पहुंचा। मगर, हालत गंभीर होने पर भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद युवक नवदीप हास्पिटल आया, युवक की हालत को देखते हुए सर्जरी प्लान की गई। बोतल मलाशय तक पहुंच गई और बाहर नहीं निकली, युवक ने काफी प्रयास किए जब बोतल बाहर नहीं निकल सकी तो वह निजी अस्पताल पहुंचा। मगर, हालत गंभीर होने पर भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद युवक नवदीप हास्पिटल आया, युवक की हालत को देखते हुए सर्जरी प्लान की गई।

विशेषज्ञ इस एक तरह का साइको सेक्सुअल डिसआर्डर बताते हैं। इससे पीड़ित मरीज सामान्य व्यवहार करते हैं। ये इनके यौन व्यवहार का एक हिस्सा होता है जिससे ये गुदा द्वार और मलाशय से जुड़ी यौन क्रियाएं करते हैं इससे इन्हें आनंद मिलता है। चिकित्सा विज्ञान में यह कोई बीमारी नहीं है लेकिन समाज में इसे गलत माना जाता है। आनंद के लिए कई बार युवक खिलौना, बोतल, रोड तक गुदा द्वार में डाल लेते हैं। ये समलैंगिक की तरह से यौन व्यवहार करते हैं, इससे एचआइवी, हेपेटाइटिस सहित सैक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज होने का खतरा रहता है
Edited By: Naveen R Rangiyal
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