अश्विनी उपाध्याय समेत 4 को न्यायिक हिरासत, 2 अन्य को एक दिन की पुलिस रिमांड

Last Updated: बुधवार, 11 अगस्त 2021 (00:02 IST)
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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर वायरल वीडियो मामले पर दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजक समेत 6 लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने विनीत और दीपक सिंह को एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड और एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय समेत 4 को में भेज दिया।
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दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से 2 आरोपियों विनीत और दीपक सिंह की तीन दिन पुलिस कस्टडी की मांग की थी। अश्विनी उपाध्याय समेत बाकी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया था। 8 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने अश्विनी उपाध्याय, विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत क्रांति, प्रीत सिंह, दीपक के खिलाफ एक समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।


रिहा की मांग को लेकर प्रदर्शन : जंतर-मंतर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय और 5 अन्य को रिहा करने की मांग को लेकर लोगों के एक समूह ने मंगलवार को यहां कनॉट प्लेस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि खुद को हिन्दू नेता बताने वाली रागिनी तिवारी सहित लगभग 40-50 लोगों ने कनॉट प्लेस थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए सड़क अवरुद्ध कर दी, जिससे क्षेत्र में यातायात जाम हो गया। पुलिस ने कहा कि हालांकि प्रदर्शनकारियों को बाद में क्षेत्र से हटाकर बस के जरिए उनके गंतव्यों तक भेज दिया गया।
जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम विरोधी नारों से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज किया था। पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) दीपक यादव ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा के पास हुए एक कार्यक्रम में भड़काऊ नारेबाजी के संबंध में कनॉट प्लेस थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान अश्विनी उपाध्याय, प्रीत सिंह, दीपक सिंह, दीपक कुमार, विनोद शर्मा और विनीत वाजपेई के रूप में हुई है।
जंतर-मंतर पर भारत जोड़ो आंदोलन द्वारा रविवार को किए गए प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। उपाध्याय ने मुस्लिम विरोधी नारेबाजी की किसी घटना में शामिल होने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि मैंने दिल्ली पुलिस को शिकायत देकर वायरल हुए वीडियो की जांच करने को कहा है। यदि वीडियो सही है, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।(इनपुट भाषा)



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