झारखंड छात्र आंदोलन : 14वें दिन राहुल गांधी की एंट्री, बोले 'एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है'
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। आंदोलन के 14वें दिन इस मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधे आंदोलनकारी छात्रों से संवाद साधा।
1. राहुल गांधी और छात्र नेता रविंद्र पासवान की फोन पर वार्ता
आंदोलन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC सुधार मंच के छात्र नेता रविंद्र पासवान ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी:
• छात्रों की प्राथमिक मांगें:
1. JPSC और JSSC CGL की संदिग्ध परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
2. पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच या राज्य से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से जांच कराई जाए।
3. राज्य में परीक्षा माफिया पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
• गठबंधन सरकार पर सवाल: चूंकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के साथ कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल है, इसलिए छात्रों ने मांग की कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करे और अपनी ही सरकार से मांगें मनवाए।
• राहुल गांधी का आश्वासन: राहुल गांधी ने छात्रों को अपनी मांगों का विस्तृत ब्योरा WhatsApp पर भेजने को कहा और आश्वासन दिया कि वे राज्य सरकार (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन) से इस विषय पर बातचीत करेंगे और समस्या का समाधान निकालने का हर संभव प्रयास करेंगे।
2. 'एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है': राहुल गांधी का बयान
फोन कॉल के अलावा, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने लाइव इंटरेक्शन के दौरान भी झारखंड छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था (Education System) में आ चुकी गंभीर कमियों के खिलाफ है। हमारा एजुकेशन सिस्टम ध्वस्त, अत्यधिक महंगा और दमनकारी हो चुका है। सरकार चाहे केंद्र की हो, कांग्रेस की हो या झारखंड की—हर सरकार को युवाओं व छात्रों की बात सुननी चाहिए और सिस्टम को सुधारने के लिए कड़े फैसले लेने चाहिए।"
3. झारखंड सरकार से वार्ता के लिए 11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित
आंदोलन के बीच गतिरोध दूर करने के लिए छात्रों ने सरकार से आधिकारिक वार्ता हेतु एक 11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।
झारखंड विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और निषेधाज्ञा लागू की गई है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद क्या कांग्रेस पार्टी अपनी ही सहयोगी सरकार पर सीबीआई जांच और परीक्षा सुधारों को लेकर कोई ठोस फैसला लेने का दबाव बना पाती है या नहीं।

