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Last Modified: नई दिल्ली , गुरुवार, 27 जुलाई 2023 (17:29 IST)

Jan Vishwas Bill : लोकसभा से पास हुआ जन विश्वास बिल, कई कानूनों में होगा बदलाव

Jan Vishwas Bill : लोकसभा से पास हुआ जन विश्वास बिल, कई कानूनों में होगा बदलाव - Jan Vishwas Bill passed by Lok Sabha
Jan Vishwas Bill : लोकसभा ने गुरुवार को 'जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2023' को मंजूरी दे दी,जिसमें कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में संशोधन कर छोटी-मोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव किया गया है। निचले सदन ने संक्षिप्त चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से स्वीकृति दी।
 
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 जुलाई को इस विधेयक को मंजूरी दी थी। इसमें कारोबार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में संशोधन कर छोटी-मोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव किया गया है।
 
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले साल 22 दिसंबर को लोकसभा में ‘जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक’ पेश किया था। इसके बाद विधेयक को विचार के लिए संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया था। संयुक्त समिति की अनुशंसाओं को इस विधेयक में समाहित किया गया है।
 
विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने अपने कार्यों से 140 करोड़ नागरिकों पर अपना विश्वास कायम किया है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता था कि छोटी-मोटी गलती के कारण लोग अदालतों के धक्के खाते थे और बहुत सारे कानूनों का जाल था। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री ने सभी कानूनों पर गौर करने और व्यवस्था को सरल बनाने का निर्देश दिया।
 
गोयल ने बताया कि इस सरकार में कारोबार सुगमता को बेहतर करने और लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कानूनों का सरलीकरण किया गया या उन्हें रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा, 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में संशोधन कर छोटी-मोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से हटाने का काम आजाद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है।
 
इससे पहले विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के सदस्य राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कारोबार सुगमता की दिशा में 2014 से ही काम हो रहा है, जिस कारण हमने इस सूची में बड़ी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में विश्वास और बढ़ाने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
 
बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर ने कहा कि कारोबारियों को सहूलियत देने के लिए जो प्रावधान इस विधेयक में किए गए हैं, उसी तरह की व्यवस्था किसानों के लिए भी की जानी चाहिए। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की बीवी सत्यवती ने भी विधेयक का समर्थन किया।
 
जिन अधिनियमों में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव है, उनमें औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 ; सार्वजनिक ऋण अधिनियम, 1944; फार्मेसी अधिनियम, 1948; सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952; कॉपीराइट अधिनियम, 1957; पेटेंट अधिनियम, 1970; पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 198; मोटर वाहन अधिनियम, 1988; ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999; रेलवे अधिनियम, 1989; सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000; मनी लांड्रिंग निरोधक अधिनियम, 2002 और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 आदि शामिल हैं। (File photo) 
Edited By : Chetan Gour (भाषा)
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