Shiv Sena Dussehra Rally : रैली में शिंदे ने उद्धव पर किया पलटवार, बोले- हमने गद्दारी नहीं क्रांति की थी...

Last Updated: गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022 (00:36 IST)
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मुंबई। शिवसेना की स्थापना के 56 साल बाद पहली बार मुंबई में बुधवार को पार्टी के 2 प्रतिद्वंद्वी धड़ों के नेतृत्व में 2 दशहरा रैलियां आयोजित कीं। राज्य में सरकार बदलने के बाद इसे दोनों खेमों के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने क्रमश: और में अलग-अलग रैली को संबोधित किया। इस बीच रैली में शिंदे ने भी उद्धव पर पलटवार किया। शिंदे बोले, हमने गद्दारी नहीं क्रांति की थी।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रैली को संबोधित करते हुए कहा- शिंदे ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जय के साथ भाषण की शुरुआत की। उन्हें हिंदवी स्वराज्य संस्थापक कहा। बाला साहब ठाकरे को हिंदू हृदय सम्राट कहा। शिंदे ने मंच पर ही घुटने के बल बैठकर मौजूद लोगों के सामने माथा टेका।

उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा, वह कांग्रेस और एनसीपी की धुन पर नाचते रहे। कोर्ट से उन्हें शिवाजी पार्क तो मिल गया, लेकिन बाला साहब के विचार हमारे साथ हैं। शिंदे ने कहा, बेइमानी की होती तो इतना जनसमूह नहीं उमड़ता। 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद गद्दारी हुई।

शिंदे ने कहा, राज्य के मतदाताओं के साथ बेइमानी हुई। मतदाताओं ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को वोट दिया था, लेकिन उन्होंने कांग्रेस और एनसीपी का दामन थाम लिया। गद्दारी तो महा विकास आघाड़ी बनाकर हुई। हम गद्दार नहीं, हम बाला साहब ठाकरे के शिवसैनिक हैं। हमने गद्दारी नहीं क्रांति की थी।

एकनाथ शिंदे ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, असली शिवसेना कहां है, इसका जवाब महाराष्ट्र को ही नहीं पूरे हिंदुस्तान को मिल गया होगा। शिवसेना का सामान्य कार्यकर्ता हूं। यहां मौजूद जनसमूह ने बाला साहब के वारिस का जवाब दिया है। अब वारिस को लेकर कोई सवाल नहीं पूछेगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनका विद्रोह 'विश्वासघात' कतई नहीं था, बल्कि एक 'बगावत' थी। उन्होंने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे के आदर्शों के खिलाफ जाने और कांग्रेस एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठबंधन करने के लिए उनके (बाल ठाकरे के) स्मारक पर घुटने टेकने और माफी मांगने को कहा।

पार्टी के बागी धड़े के मुखिया शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि शिवसेना कोई 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' नहीं है और 56 साल पुराने संगठन को शिवसेना के आम कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से बनाया गया है। Edited by Chetan Gour



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