चक्रवात 'Yaas' बुधवार दोपहर को बालासोर के निकट दे सकता है दस्तक

पुनः संशोधित सोमवार, 24 मई 2021 (22:35 IST)
हमें फॉलो करें
कोलकाता। चक्रवाती 'यास' के उत्तरी ओडिशा के के निकट 26 मई की दोपहर के आसपास दस्तक देने का पूर्वानुमान है। ने सोमवार को कहा कि इस दौरान 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है जो 185 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है।
कोलकाता स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक संजीब बंदोपाध्याय ने कहा कि कम दबाव का क्षेत्र जो सोमवार की सुबह पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में बालासोर से करीब 620 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा से 610 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में स्थित था, वह उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह सोमवार रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा तथा 26 मई की सुबह तक इसकी तीव्रता और बढ़ जाएगी तथा यह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। बंदोपाध्याय ने कहा, यह ओडिशा के पारादीप और पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से होकर गुजरेगा जो बालासोर के निकट है।

उन्होंने कहा कि 26 मई की सुबह ओडिशा के तट पर कम दबाव के इस क्षेत्र की वजह से 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार तक भी पहुंच सकती हैं। बंदोपाध्याय ने कहा, बालासोर के निकट जब यह तूफान दस्तक देगा तो ओडिशा में जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों तथा पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले में हवा की गति 155-165 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी, जो बढ़कर 185 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में 90-100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलेगी जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि कोलकाता, हावड़ा और हुगली में 26 मई को हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे रहेगी और इसके बढ़कर 90 किलोमीटर तक पहुंचने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा कि गंगा से लगे पश्चिम बंगाल के जिलों में 26 मई की शाम और 27 मई की सुबह 55 से 65 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवा चलेगी और यह बढ़कर 75 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि से ओडिशा के बालासोर, जगहसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और भद्रक के तटीय क्षेत्रों में तूफान आएगा।उन्होंने कहा कि पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में भी तूफान आएगा।

ओडिशा के बालासोर भेजे गए बचाव दल : ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान यास के दस्तक देने के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे बालासोर जिले के लिए बचावकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी को रवाना किया है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना बताया कि मौसम विभाग से मिली जानकारी के आधार पर ओडिशा सरकार राज्य में के आगमन के मद्देनजर सभी कदम उठा रही है।

जेना ने बताया कि यास के दस्तक देने के दौरान दो से 4.5 मीटर की ऊंची लहरें उठने के अनुमान के मद्देनजर निचले क्षेत्रों के साथ खतरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह प्रक्रिया मंगलवार दोपहर तक चलेगी। जानमाल का नुकसान रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के साथ मयूरभंज और क्योंझर जिलों को अत्यधिक खतरा वाले क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया गया है। इसके अलावा कटक, पुरी, खूरा, नयागढ़, ढेंकानाल जिला प्रशासन को भी आपात स्थिति के मद्देनजर अलर्ट रहने को कहा गया है।

जेना ने बताया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 22 टीम, ओडिशा आपदा मोचन बल (ओडीआरएएफ) की 50 टीम, दमकल सेवा के 150 कर्मियों और पेड़ काटने वाली 35 टीम को खतरे वाले जिलों में तैनात किया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने एनडीआरएफ की 30 अतिरिक्त टीम की भी मांग की है।

जेना ने कहा, चक्रवात की आशंका वाले जिलों में कोविड अस्पतालों और कोविड देखभाल केंद्रों में दवाओं और ऑक्सीजन का अतिरिक्त भंडार बनाया गया है। बिजली के लिए वैकल्पिक इंतजाम भी किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक अभय ने बताया कि सबसे खतरे वाले बालासोर जिले में 84 किलोमीटर का तटीय क्षेत्र है और इसके तहत तीन मरीन पुलिस स्टेशन समेत 10 थाने हैं।

उन्होंने कहा कि तट के पास के इलाके में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 136 गांवों और 26 ग्राम पंचायत क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। डीजीपी ने बताया कि बालासोर में लोगों के लिए 140 आश्रय स्थान, 1102 वैकल्पिक आश्रय तैयार किए गए हैं।

मछली पकड़ने वाली सभी 265 नौकाएं बंदरगाह पर लौटीं : भारतीय तटरक्षक ने सोमवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने गई सभी 265 नौकाएं चक्रवात यास के मद्देनजर बंदरगाह पर लौट आई हैं। चक्रवात यास के 26 मई की दोपहर में उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पारादीप और सागर द्वीप के बीच से होकर गुजरने का अनुमान है।

उस दौरान इसके भीषण चक्रवाती तूफान का रूप में लेने की आशंका है। उस दौरान हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटा होने और उसके 180 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की संभावना है। भारतीय तटरक्षक ने ट्वीट किया, भारतीय तटरक्षक के लगातार प्रयासों से मत्स्य विभाग द्वारा बताई गई मछली पकड़ने वाली सभी 265 नौकाएं सुरक्षित बंदरगाह तक लौट आई हैं। उसने बताया कि आपदा प्रतिक्रिया दल, जहाज और विमान जरुरत होने पर तैनाती के लिए तैयार हैं।

तटरक्षक ने बताया कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए वे लोग राज्य प्रशासनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र सोमवार तड़के चक्रवात यास में बदल गया और अगले 24 घंटे में उसके गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।(भाषा)



और भी पढ़ें :