... तो अमरनाथ गुफा के पास हो सकती थी बड़ी तबाही

सुरेश एस डुग्गर| Last Updated: बुधवार, 28 जुलाई 2021 (20:54 IST)
जम्‍मू। जम्‍मू-कश्‍मीर में बादलों के फटने के क्रम में अब अमरनाथ गुफा के पास बुधवार को बादल फटने की सूचना है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस घटना में बीएसएफ और सीआरपीएफ के कैंप को नुकसान हुआ है। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त बादल फटा उस समय कोई भी श्रद्धालु गुफा के अंदर मौजूद नहीं था। अमरनाथ गुफा के पास पहले से ही एसडीआरएफ की दो टीमें मौजूद हैं।
के चलते प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को बीते 2 साल से लगातार रद्द कर रखा है। यदि यह यात्रा संचालित होती तो माना जा रहा है कि इस हादसे में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हो सकता था। इस साल अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन कोरोना की वजह से इसे लगातार दूसरे साल रद्द कर दिया गया।
बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा पहलगाम से 46 किमी और बालटाल से 14 किमी दूर है। अमरनाथ की गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग बनता है। यह सबसे कठिन तीर्थयात्राओं में से एक है। यहां मौसम खराब रहता है। ऑक्सीजन की कमी रहती है। भूस्खलन और का खतरा बना रहता है।



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