उत्तराखंड सीमा पर बढ़ी चीनी सेना की हलचल, भारतीय सेना अलर्ट पर

निष्ठा पांडे| Last Updated: गुरुवार, 22 जुलाई 2021 (20:32 IST)
देहरादून। उत्तराखंड में भारत की चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की सक्रियता दिखने की खबरों से भारतीय सेना भी सक्रिय हो गई है। भारतीय वायुसेना ने चिन्यालीसौड हवाई पट्टी में अपने सैन्य विमानों को उतारने के अभ्यास शुरु किए हैं। उत्तराखंड में चमोली जिले में 100 किलोमीटर लंबी सीमा चीन से जुड़ी है।
जोशीमठ से 102 किलोमीटर दूर स्थित भारत की अंतिम पोस्ट रिमखिम से बाड़ाहोती 3 किलोमीटर दूर है। करीब 30 वर्ग किलोमीटर में फैले बाड़ाहोती चारागाह में स्थानीय लोग मवेशी लेकर आते हैं। यहां स्थानीय चरवाहों ने चीनी सैनिकों की फिर से सक्रियता देखी है। चरवाहों ने ही इनके बारे में बताया है कि इस मलारी घाटी में बाड़ाहोती के निकट वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के कुछ सैनिक टहलते देखे गए हैं।

भारत और चीन के बीच उत्तराखंड में भी सीमा पर चीनी सेना की सक्रियता से कई बार तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है।
इस संवेदनशील क्षेत्र में पहले कई बार चीनी सेना अतिक्रमण करती रही है। हालांकि सेना और भारत-तिब्बत सेना पुलिस बल (आईटीबीपी) के जांबाजों ने हर बार चीनी सैनिकों की हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया है।

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों चीनी सेना की एक प्लाटून बाड़ाहोती इलाके के आसपास देखी गई। सेना चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखे हुए है। पिछले वर्ष लद्दाख में तनाव के बाद उत्तराखंड से लगी सीमा पर भी सेना के जवानों की संख्या बढ़ा दी है।

उत्तराखंड की 345 किलोमीटर लंबी सीमा चीन से सटी है।राज्य के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले चीन सीमा से जुड़े हैं। लंबे समय से वायुसेना उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड हवाई पट्टी पर परीक्षण उड़ान भरती रही है।

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस हवाई पट्टी से चीन सीमा की हवाई दूरी महज 126 किलोमीटर है। इस हवाई पट्टी को वायुसेना के लिए एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) बनाने की कवायद चल रही है। इसके हवाई पट्टी के विस्तारीकरण की योजना शामिल है।

विस्तारीकरण के तहत रनवे को 150 मीटर तक बढ़ाया जाना भी प्रस्तावित है। वर्ष 2013 में वायुसेना ने यहां सीजे-हरक्यूलिस विमान उतारा था। इसके बाद कई बार अप्रैल 2018 में वायुसेना ने इस हवाई पट्टी पर ऑपरेशन 'गगन शक्ति' के तहत अभ्यास किया था। फरवरी 2020 में एएन-32 विमान की सफल लैंडिंग की गई। इसके साथ ही अपाचे, एमआई-17, चिनूक हेलीकॉप्टर यहां परीक्षण उड़ान भर चुके हैं।

तबादले के निर्देश : ऊधमसिंहनगर जिले में काशीपुर के कैदी प्रवेश कुमार की हल्द्वानी जेल में मौत के मामले में हाईकोर्ट के सख्त आदेश से राज्य पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकल पीठ ने काशीपुर के
कैदी की हल्द्वानी जेल में हुई मौत की जांच सीबीआई से कराने का आदेश पारित किया है। साथ ही इस मामले की जांच में लापरवाही बरतने पर एसएसपी नैनीताल, सीओ हल्द्वानी और जेल के आरोपित बंदी रक्षकों के तबादले के आदेश पारित किए हैं।
पॉक्सो एक्ट के मामले में हल्द्वानी उप कारागार में निरुद्ध कुंडेश्वरी काशीपुर निवासी प्रवेश कुमार पुत्र रघुवर दयाल की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई थी। सीजेएम नैनीताल की कोर्ट ने इस मामले में बंदी रक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया था।
यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था। कोर्ट के आदेश पर 31 मई को हल्द्वानी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश सिंह ने मृतक की पत्नी भारती से इस बारे में गहन पूछताछ करते हुए बयान दर्ज किए। इस आशय की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित थानाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई।

कुंडेश्वरी काशीपुर निवासी प्रवेश कुमार पुत्र रघुवर दयाल को गाली-गलौज, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत बीते चार मार्च को को गिरफ्तार कर कुंडेश्वरी पुलिस द्वारा अगले दिन राजकीय चिकित्सालय में मेडिकल कराने के बाद जेल भेजा गया। दो दिन बाद पुलिस अभिरक्षा में हल्द्वानी उप कारागार में बंद प्रवेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

प्रवेश कुमार की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी ने जेल प्रशासन समेत पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। सुनवाई के दौरान नैनीताल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हल्द्वानी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश सिंह को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे।



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