Weather Alert: दिल्ली में फिर ठिठुरन बढ़ी, उत्तर भारत के कई राज्यों में हिमपात

Last Updated: शनिवार, 6 फ़रवरी 2021 (08:35 IST)
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर तथा के अनेक राज्यों में ताजा बर्फबारी से मैदानी भागों में शीतलहर का नया दौर चल पड़ा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इससे सटे शहरों में कई जगहों पर बारिश होने से तापमान में काफी कमी आ गई है। दिल्ली में बीते 2-3 दिनों से तापमान में वृद्धि हो रही थी लेकिन ताजा हिमपात और वर्षा से तापमान में काफी कमी आ गई है।
स्काइमेट से प्राप्त समाचार के अनुसार दिल्ली में बीते 2-3 दिनों से तापमान में वृद्धि हो रही थी। बारिश वाले दिन न्यूनतम यानी बीते दिनों न्यूनतम तापमान में 12.4 डिग्री था, जो गिरकर 6.8 डिग्री पहुंच गया। इसी तरह पालम में 4 फरवरी को 14.4 और 5 फरवरी को 8.9 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह लोधी रोड पर भी तापमान में 6 डिग्री की बड़ी गिरावट हुई और पारा 6.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी दिशा में निकाल गया है। इस सिस्टम के आगे जाने के बाद अब बारिश की गतिविधियां बंद हो गई हैं और हवाओं का रुख बदलने लगा है। उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिल्ली-एनसीआर पर फिर से अपना असर दिखाएंगी। इन हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और सुबह तथा रात की सर्दी लौट आएगी। सप्ताह के आखिर में यानी 6 और 7 फरवरी को दिन में खिली धूप रहेगी जिससे दिन तो खुशनुमा होगा लेकिन सुबह और रात में सर्दी से आपको बचना होगा। इन दिनों में जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास रहेगा वहीं अधिकतम तापमान 25 डिग्री के स्तर पर पहुंच जाएगा।
उत्तर भारत में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हुए हैं जिसके चलते पहाड़ों पर जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। बारिश में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। वर्तमान मौसमी स्थितियों को देखते हुए स्काईमेट का आकलन है कि अगले 48 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर से लेकर गिलगित बालटिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात होगा।
पिछले 24 घंटों की अवधि में जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में 14 मिलीमीटर की वर्षा और बर्फबारी हुई। श्रीनगर में 1 मिलीमीटर और काजीगुंड में 0.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी दौरान पंजाब के अमृतसर में भी 2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हरियाणा के तराई क्षेत्रों में कुछ जगहों पर गरज के साथ बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलीं।
अगले 48 घंटों के मौसम के बारे में अनुमान है कि पंजाब और हरियाणा के तराई क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। बारिश के साथ बादलों की गर्जना होने तथा हवाएं चलने की भी आशंका है जबकि उत्तरप्रदेश के पूर्वी भागों में 5 और 6 फरवरी को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भागों में वर्षा की संभावना है। फिलहाल राजस्थान बारिश से ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। मौसम में आए बदलाव से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान ऊपर पहुंच गया है जिसके चलते शीतलहर का प्रकोप फिलहाल खत्म हो गया है और लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल गई है। हालांकि मौसमी हलचल उत्तर भारत से जैसे ही समाप्त होगी उम्मीद है कि 5 और 6 फरवरी से उत्तरी और पश्चिमी ठंडी हवाएं चलनी शुरू होंगी जिससे लोगों को सर्दी की वापसी का एहसास होगा। हालांकि अब तापमान 4-5 डिग्री के स्तर पर नहीं जाएगा जिससे भीषण शीतलहर जैसे हालात पैदा की आशंका खत्म हो गई है।



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