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बाबा रामदेव का बड़ा बयान, इन्हें जितना मिटा दिया जाए उतना अच्छा
बाबा रामदेव ने कहा कि गुलामियों की निशानियां कोई संजोकर नहीं रखता, इन्हें जितना मिटा दिया जाए उतना अच्छा है।
Baba Ramdev On Nagpur Violence: महाराष्ट्र के नागपुर में हिंसा और औरंगजेब की कब्र पर विवाद के बीच योग गुरु स्वामी रामदेव का बयान भी सामने आया है। बाबा रामदेव ने कहा कि गुलामियों की निशानियां कोई संजोकर नहीं रखता, इन्हें जितना मिटा दिया जाए उतना अच्छा है। हालांकि रामदेव ने कहा कि इसके लिए हिंसा का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।
हरिद्वार के हर की पैड़ी पर एक कार्यक्रम के आयोजन के दौरान रामदेव ने नागपुर हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि औरंगजेब और दूसरे क्रूर मुगल शासक भारत के आदर्श नहीं हो सकते। गुलामियों की निशानियां अहिंसक ढंग से मिट जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप और भगत सिंह देश के आदर्श हैं।
ASI ने ढंका औरंगजेब का मकबरा : हाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के बीच, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 18वीं सदी के इस मकबरे के 2 तरफ टिन की चादरें लगा दी हैं। बुधवार रात मकबरे के 2 तरफ टिन की चादरें लगा दी गईं और 2 तरफ से बाड़बंदी भी की गई। मकबरे के चारों ओर बाड़ लगाई जाएगी। बताया जा रहा है कि मकबरे के दोनों तरफ की हरे रंग की जाली जर्जर हालत में थी और पास में स्थित ख्वाजा सैयद जैनुद्दीन चिश्ती की मजार तक जाने वाले रास्ते से भी यह ढांचा दिखाई पड़ता है। इसलिए, हमने टिन की चादरें लगाई हैं।
नागपुर हिंसा मामले में 100 से ज्यादा गिरफ्तार : छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक पंक्तियां लिखी हुई चादर जलाए जाने की अफवाह के बीच सोमवार रात मध्य नागपुर के इलाकों में हिंसक भीड़ ने उत्पात मचाया। नागपुर हिंसा मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 100 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या है नागपुर का हाल : हिंसा के तीन दिन बाद गुरुवार को शहर के कुछ इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया या उसमें ढील दी गई। पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने नंदनवन और कपिल नगर थाना क्षेत्रों से कर्फ्यू हटाने के आदेश दिए। लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा और इमामबाड़ा क्षेत्रों में दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक कर्फ्यू में ढील देने का आदेश दिया, ताकि लोग दैनिक जरूरत की चीजें खरीदने के लिए बाहर निकल सकें।
edited by : Nrapendra Gupta
