छत्तीसगढ़: 500 लोगों की 78 घंटों की मेहनत के बाद भी बोरवेल से नहीं निकाला जा सका राहुल

पुनः संशोधित मंगलवार, 14 जून 2022 (12:18 IST)
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जांजगीर-चंपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चंपा पिहरीद गांव के 62 फीट गहरे बोरवेल में फंसे 11 वर्षीय राहुल साहू को 78 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका। एनडीआरएफ, सेना, पुलिसकर्मी तथा ग्रामीणों सहित 500 से ज्यादा लोगों का दल बच्चे तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहा है।

बता दें कि शुक्रवार को जब ग्राम पिहारीद निवासी लाला राम साहू और गीता साहू घर लौटे तो उनका बड़ा बेटा राहुल उन्हें नहीं मिला। राहुल बोल व सुन नहीं पाता। काफी देर तक ढूंढने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि राहुल बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया है। राहुल के पिता द्वारा कुछ दिनों पहले ही यह गड्ढा खोदा गया था, जब 80 फीट खोदने पर भी ज्यादा पानी नहीं निकला तो उन्होंने इसे यूं ही खुला छोड़ दिया था।

घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक राहुल जीवित है और उसकी हरकतें कैमरा में दिख रहीं हैं। राहुल 60 फीट की गहराई में फंसा हुआ है। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए गड्ढे में पाइपलाइन छोड़ी गई है।


एनडीआरएफ के निरीक्षक महाबीर मोहंती का कहना है कि कठोर चट्टानों के कारण बच्चे तक पहुंचने के लिए समानांतर गड्ढे और बोरवेल के बीच लगभग 15 फीट लंबी एक सुरंग बनाने के काम में बाधा आ रही है। बचावकर्मियों के लिए ड्रिलिंग मशीनों से भी चट्टान को काटना मुश्किल हो रहा है। अभी हम वहां पहुंचने की भविष्यवाणी नहीं कर सकते। लेकिन, हमे उम्मीद है कि हम आज रात तक वहां पहुंच जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हम स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ लगातार कैमरे के माध्यम से राहुल की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। हमने एक स्पीकर को रस्सी से नीचे उतारा है ताकि उसके माता-पिता उससे बात कर सकें और उसका हौसला बढ़ा सकें। उसे आज केला और ओआरएस का घोल दिया गया।’’

कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जो बचाव कार्य में शामिल अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ने चिकित्सकीय दल को सतर्क रहने और बच्चे को बाहर निकाले जाने के बाद अस्पताल पहुंचाने के लिए एक Green Corridor बनाने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि बोरवेल के अंदर कुछ पानी था जहां बच्चा फंसा था। एनडीआरएफ के जवान इसे निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों को अपने बोरवेल चालू करने के लिए कहा गया था, जबकि भूजल स्तर को कम करने के लिए पास के दो बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है।’’

इस बीच, बच्चे को सुरक्षित निकाले जाने के लिए सोशल मीडिया पर दुआएं की जा रही हैं।






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