Naxalites Death: पुलिस का दावा कोरोना संक्रमण या विषाक्त भोजन से 10 नक्सलियों की मौत

Last Updated: बुधवार, 12 मई 2021 (00:47 IST)
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में कम से कम 10 नक्सलियों की संभवत: कोविड-19 या से की मृत्यु होने की सूचना है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में कई अन्य नक्सली बीमार हैं। बस्तर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नक्सलियों में कोविड-19 जैसे लक्षण पाए गए हैं और वे दवा और टीके की तलाश में हैं।
दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने मंगलवार को यहां बताया कि स्थानीय ग्रामीणों से सूचना मिली है कि सोमवार को नक्सलियों ने अपने 10 साथियों का अंतिम संस्कार किया है। नक्सलियों ने यह अंतिम संस्कार बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा में किया है। आशंका है कि नक्सलियों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से या विषाक्त भोजन कारण हुई है। पल्लव ने बताया कि पुलिस इस संबंध में अधिक जानकारी ले रही है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि 15 दिनों पहले बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा में स्थित पीड़िया गांव में करीब 500 की संख्या में नक्सली एकत्र हुए थे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पैक किया हुआ खाना और दवाई खाई था। इनमें से कई दवा की अंतिम तारीख समाप्त हो चुकी थी।
उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि इसके बाद कई नक्सलियों की तबीयत बिगड़ गई, कई नक्सलियों को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी। पल्लव ने बताया कि जानकारी मिली है कि नक्सलियों के वरिष्ठ नेता और सेंट्रल रीजनल कंपनी के नक्सली भी संक्रमण से गुजर रहे हैं। वह सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में दवा और कोविड टीके की तलाश में है।

उन्होंने बताया कि नक्सली कोविड-19 नियमों का पालन नहीं करते हैं। न वह मास्क पहनते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्र होकर बैठक भी करते हैं। इससे नक्सलियों के बीच कोविड-19 फैलने की आशंका है। पल्लव ने कहा कि इससे यह भी आशंका है कि नक्सलियों की इन लापरवाही के कारण अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों में भी कोविड-19 तेजी से फैल सकता है।


पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है। आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस उनका इलाज करवाएगी। दंतेवाड़ा जिले के अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश में वायरस के नए प्रकार की जानकारी मिलने के बाद दोनों राज्यों की सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन आने जाने वाले लोगों का परीक्षण कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों को रोका जा रहा है तथा यात्रियों और वाहन चालकों का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार तक आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में कोरोनावायरस संक्रमण के 67,478 मामले दर्ज किए गए हैं तथा संक्रमण के कारण 452 लोगों की हुई है। (भाषा)



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