आडवाणी सोमनाथ में तोड़ेंगे चुप्पी

नई दिल्ली| ND|
हमें फॉलो करें
अयोध्या को लेकर एक बार फिर वातावरण गर्मा रहा है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल भाजपा और उसके नेताओं के तेवर इस बार बदले-बदले से हैं। पार्टी के शीर्ष नेता और भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी फिलहाल चुप हैं। आडवाणी का 25 सितंबर को (गुजरात) जाने का कार्यक्रम बन चुका है।


आडवाणी की सोमनाथ यात्रा से पहले 24 सितंबर को अयोध्या में विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ चुका होगा।

संकेत हैं कि आडवाणी सोमनाथ मंदिर में दर्शनकरने के उपरांत अयोध्या मामले पर कुछ बोलेंगे। उस दिन आडवाणी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी होंगे। लिहाजा आडवाणी और मोदी दोनों का रुख महत्वपूर्ण होगा। आडवाणी हर साल सितंबर में सोमनाथ जाते हैं।

आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी बहुचर्चित अयोध्या यात्रा सोमनाथ से ही शुरू की थी। आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का काम संसद द्वारा पारित संकल्प के तहत हुआ था।


संघ परिवार भी यही माँग कर रहा है कि सोमनाथ की तरह अयोध्या में भी मंदिर निर्माण का काम संसद में कानून बनाकर किया जाए।
भाजपा संसदीय दल की बैठक में आडवाणी ने भाजपा सांसदों से कहा था वे पहले अयोध्या मुद्दे पर कोर्ट के फैसले का इंतजार करें, उसके बाद पार्टी कोई प्रतिक्रिया देगी।

लिहाजा भाजपा में रणनीति के तहत फिलहाल पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अयोध्या मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। इस बीच अहमदाबाद में पत्रकारों से चर्चा में आडवाणी ने कहा कि अयोध्या मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा। (मनोज वर्मा)



और भी पढ़ें :