Daily Horoscope
✕

Guru Nanak Jayanti 2024: कब है गुरु नानक जयंती? जानें कैसे मनाएं प्रकाश पर्व

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 14 नवंबर 2024 (16:03 IST)
ALSO READ: Kartik Purnima 2024: कार्तिक पूर्णिमा पर क्यों करते हैं दीपदान, जानिए इसके 12 फायदे

Guru Nanak Birth Anniversary : सिख धर्म के अनुसार गुरु नानक देव का प्रकाशोत्‍सव पर्व पवित्र भावनाओं के साथ मनाया जाने वाला उत्‍सव है। अत: हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन श्री गुरु नानक देव की जयंती मनाई जाती है। गुरु नानक देव साहिब सिख धर्म के संस्थापक है तथा उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रकाशोत्‍सव पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष गुरु नानक देव जी की जयंती 15 नवंबर 2024, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी।

Highlights 
  • 2024 में गुरु नानक देव जयंती कब है? 
  • प्रकाश पर्व कैसे मनाएं जानें। 
  • गुरु नानक के प्रकाश उत्सव 2024।
आइए यहां जानते हैं कैसे मनाएं प्रकाश उत्सव पर्व- 
 
गुरु नानक के प्रकाश उत्सव पर प्रभात बेला या सुबह के समय में क्या करें : 
 
- गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर सर्वप्रथम प्रातःकाल स्नानादि करके पांच वाणी का 'नित नेम' करें।
- स्वच्छ वस्त्र पहनकर गुरुद्वारा साहिब जाएं और मत्था टेकें।
- गुरु स्वरूप सात संगत के दर्शन करें।
- गुरुवाणी, कीर्तन सुनें।
- गुरुओं के इतिहास का श्रवण करें।
- सच्चे दिल से अरदास सुनें।
- संगत व गुरुघर की सेवा करें।
- गुरु के लंगर में जाकर सेवा करें। 
- अपनी सच्ची कमाई में से 10वां हिस्सा धार्मिक कार्य व गरीबों की सेवा के लिए दें।
 
गुरु नानक जयंती पर रात्रि में क्या-क्या करें : गुरु नानक देव जी का जन्म रात्रि लगभग 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था। अतः इसके लिए रात्रि जागरण किया जाता है। 
 
इसके लिए निम्न कार्य करें- 
- रात को पुनः दीवान सजता है अतः वहां कीर्तन, सत्संग आदि करें।
- जन्म के बाद सामूहिक अरदास में शामिल हों।
- गुरु महाराज के प्रकाश (जन्म) के समय फूलों की बरखा एवं आतिशबाजी करें।
- गुरु नानक के प्रकाश उत्सव पर कड़ा-प्रसाद लें।
- गुरु नानक जयंती के दिन यानि गुरपुरब पर एक-दूसरे को बधाई दें।
 
गुरु नानक जयंती पर करें इन नियमों का पालन : गुरु नानक ने सच्चे सिख के लिए यानी अपने शिष्यों से तीन मुख्य बातों का पालन करने के लिए कहा है। 
- ईश्वर का नाम जपें। 
- सच्ची कीरत (कमाई) करें।
- दान धर्म के कार्य करें।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: कार्तिक मास के व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 अक्‍टूबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

विजयादशमी 2026: दशहरे पर खरीदें ये 10 शुभ चीजें, घर में आएगी सुख-समृद्धि

Dussehra ki parampara: दशहरे पर जरूर करें ये 10 कार्य, चमकेगा भाग्य और बढ़ेगा प्रेम

Dussehra 2026: दशहरे पर क्यों बांटी जाती है 'सोना पत्ती'? जानें शमी पत्र का पौराणिक और वैज्ञानिक रहस्य

Dhanteras 2026: कब है धनतेरस? जानें सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

अगला लेख