ramcharitmanas
✕

बागी नेताओं को मनाने के लिए भाजपा ने बनाया प्लान, शिवराज ने संभाला मोर्चा!

Updated: मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018 (14:46 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा में टिकट को लेकर इस बार जितना घमासान मचा है, इतना शायद पहले कभी देखने को नहीं मिला। एक सप्ताह से टिकट के दावेदारों को पार्टी दफ्तर के बाहर अपना शक्ति प्रदर्शन करना आम बात हो गई है। नेता चाहे बडा़ हो या छोटा सभी ने पार्टी के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए शक्ति प्रदर्शन का सहारा लिया।
 
नेता के समर्थक बैनर और झंडे लेकर पार्टी दफ्तर के बाहर और अंदर प्रदर्शन करते देखे जा रहे थे। पार्टी दफ्तर के अंदर जब चुनाव समिति की बैठक चल रही होती थी तो बाहर टिकट के दावेदारों के समर्थक नारे लगा रहे होते थे। इतना ही नहीं, जैसे ही पार्टी के बड़े नेता पार्टी दफ्तर पहुंचते टिकट के दावेदार उनको घेर लेते और अपना बायोडाटा सौंपेने लगते हैं।
 
कुछ ऐसे ही हालतों का सामना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी पार्टी दफ्तर में लगातार दो दिन रविवार और सोमवार को करना पड़ा। ऐसे में दावेदारों को संभालने और समाझाइश देने का मोर्चा खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभाला।
 
प्रदेश कार्यालय में जब टिकट के दावेदार नेताओं ने मुख्यमंत्री को घेर कर उनसे टिकट की मांग करने लगे तो मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मैं टिकट दे पांऊ या न दे पांऊ, लेकिन आप से प्यार बहुत करता हूं'। मुख्यमंत्री के इतना कहते ही टिकट के दावेदार नेताओं ने शिवराज का हाथ जोड़कर अभिवादन करने के साथ ही हर हाल में पार्टी के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
 
इसके बाद मुख्यमंत्री पार्टी दफ्तर में कई टिकट के दावेदारों से मिलकर टिकट बंटवारे से पहले डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। इसके साथ मुख्यमंत्री ने टिकट के दावेदार कई पूर्व विधायकों से अकेले में बात कर पार्टी की पूरी रणनीति को समझाया, वहीं टिकट के बंटवारे के बाद होने वाले संभावित विरोध को देखते हुए पार्टी ने विशेष प्लान बनाया है।
 
इस बार टिकट कटने पर बागी होने वाले विधायकों को मनाने के लिए खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मोर्चा संभालेंगे। ये सभी नेता बागी और विरोध करने वाले विधायकों को समझाइश देने के साथ उनके टिकट कटने का कारण भी बताएंगे।
 
इसके साथ ये भी समझाने की कोशिश करेंगे कि इस बार सरकार बनना उनका पहला लक्ष्य होना चाहिए। बाद में सरकार बनने पर टिकट न मिलने वाले सभी नेताओं को कहीं न कहीं एडजस्ट किया जाएगा। दूसरी ओर भाजपा में टिकट को लेकर जितनी टेंशन इस बार दिख रही है, उससे इतना तो तय है कि इस बार टिकट बंटने के बाद पार्टी नेताओं को डैमेज कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
लेखक के बारे में
विशेष प्रतिनिधि
राजनीतिक, सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से वेबदुनिया के विशेष प्रतिनिधियों की टीम प्रकाशन के लिए कंटेंट प्रेषित करती है। .... और पढ़ें

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख