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खजियार है भारत का मिनी स्विटज़रलैंड, एक बार घूमने जरूर जाएं

Updated: रविवार, 6 जून 2021 (14:07 IST)
photo source HPchamba Gov
हिल स्टेशन को मनोरम पहाड़ी इलाका कहते हैं। भारत में पहाड़ियों की विशालतम, लंबी, सुंदर और अद्भुत श्रृंखलाएं हैं। एक और जहां विध्यांचल, सतपुड़ा की पहाड़ियां है, तो दूसरी ओर आरावली की पहाड़ियां। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं। आओ जानते हैं भारत के टॉप हिल स्टेशनों में से एक खजियार हिल स्टेशन के बारे में रोचक जानकारी।
 
 
1. भारतीय राज्य हिमाचल में चंबा और डलहौजी के पास बसा खज्जियार पर्यटकों के लिए बहुत ही लुभावना स्थान है। डलहौज़ी से लगभग 24 किलोमीटर दूर इस जगह पर घुमने के लिए कई स्थान है। खज्जियार पश्चिमी हिमालय के भव्य धौलाधार पर्वत की तलहटी में सुंदर रूप से बसा है।
 
2. इस 5 हजार वर्गफुट क्षेत्रफल में फैली झील को खजियार लेक के नाम से जाना जाता है। झील के बीचोबीच स्थित टापू पर बैठकर आप घंटों प्रकृति की अनुपम धरोहर को निहार सकते हैं।
 
3. यहां एक नाग मंदिर भी है जहां नागदेवता की पूजा होती है। पहाड़ी स्थापत्य कला में निर्मित 10वीं शताब्दी का यह धार्मिक स्थल खज्जी नागा मंदिर के लिए जाना जाता है। मंदिर के मंडप के कोनों में पांच पांडवों की लकड़ी की मूर्तियां स्थापित हैं। मान्यता है कि पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान यहां आकर ठहरे थे। इसके अलावा शिव और हडिम्बा देवी के अन्य मंदिर भी हैं।
 
4. यहां के सार्वजनिक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस के पास स्थित देवदार के छह समान ऊंचाई की शाखाओं वाले पेड़ों को पांच पांडवों और छठी द्रोपदी के प्रतीकों के रूप में माना जाता है। 
 
5. यहां से एक किमी की दूरी पर कालटोप वन्य जीव अभ्यारण्य में 13 समान ऊंचाई की शाखाओं वाले एक बड़े देवदार के वृक्ष को 'मदर ट्री' के नाम से जाना जाता है।
 
6. रोमांच के शौकीन लोग पहाड़ी पगडंडियों पर चलकर ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं। पर यहां कब किसी जंगली जानवर से सामना हो जाए, कहना मुश्किल है।
 
7. चीड़ और देवदार के ऊंचे-लंबे हरे-भरे पेडों और पहाड़ों के बीच बसे खजियार को भारत का मिनी स्विटजरलैंड कहा जाता है। अप्रैल के बाद मई की झुलसाने वाली गर्मी से छुटकारा पाना है तो आप यहां अवश्य घुमने जाएं और सुकुन एवं शांति का अहसास पाएं। गर्मी के मौसम में शाम के समय जब हल्के कपड़ों में टहलने के लिए निकलते हैं तो यहां की ठंडी और अजीब से नशीली हवाएं तन और मन दोनों को मदहोश कर देती हैं। इसकी खुबसूरती के कारण ही चंबा के तत्कालीन राजा ने खजियार को अपनी राजधानी बनाया था।
 
8. खज्जियार चंडीगढ़ से 352 और पठानकोट रेलवे स्टेशन से लगभग 95 किमी दूर है। जिला कांगड़ा में गगल हवाई अड्डे से 130 किलोमीटर दूर है। दिल्ली से 560 किलोमीटर की दूर है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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