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गर्मियों में बेबी को बुखार होने पर इस तरह करें उसकी देखभाल, जल्दी मिलेगी राहत
बदलते मौसम के बुखार में बेबी के खानपान और कम्फर्ट का ऐसे रखें खयाल
Baby Care
How To Reduce Fever In Baby: छोटे बच्चों की इम्यूनिटी पॉवर कम होती है। इसलिए मौसम बदलते ही शिशु बीमार होने लगते हैं। एक साल की उम्र से लेकर तीन साल की उम्र तक शिशु को विशेष देख रेख की ज़रुरत होती है। इस दौरान शिशु का शरीर बढ़ रहा होता है, इसलिए कोई भी बदलाव आते ही शिशु के शरीर पर पहले असर पड़ता है।
गर्मियों का मौसम शिशुओं के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। अचानक वातावरण का तापमान बढ़ने-घटने और डाइट बदलने से शिशुओं को बुखार हो जाता है। ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि गर्मियों में बुखार के दौरान बच्चों की देखभाल कैसे करनी है। आज इस लेख में हम आपको बताएंगें कि गर्मियों में शिशुओं की देखभाल कैसे की जाए।ALSO READ: क्या होता है डेवलपमेंट ट्रॉमा डिसऑर्डर? जानें बच्चों में दिखाई देने वाले इसके लक्षण
गर्मी में शिशु को बुखार होने पर क्या करना चाहिए- How to take care of baby in fever
बच्चों को हाइड्रेटेड रखें- Keep them hydrated
गर्मियों में बुखार का एक कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। शिशु को हम कम पानी और फॉर्मूला मिल्क देते हैं। ऐसे में शिशु को बुखार चढ़ सकता है। इसलिए गर्मियों के दौरान शिशु को हाइड्रेट रखें। उन्हें बीच-बीच में पानी देते रहें। साथ ही, फॉर्मूला मिल्क और ब्रेस्ट मिल्क भी दें।
बच्चों को हाइड्रेटेड रखें- Keep them hydrated
गर्मियों में बुखार का एक कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। शिशु को हम कम पानी और फॉर्मूला मिल्क देते हैं। ऐसे में शिशु को बुखार चढ़ सकता है। इसलिए गर्मियों के दौरान शिशु को हाइड्रेट रखें। उन्हें बीच-बीच में पानी देते रहें। साथ ही, फॉर्मूला मिल्क और ब्रेस्ट मिल्क भी दें।
हल्के कपड़े पहनाएं- Dress them lightly
बुखार होने पर शिशु को हल्के कपड़े पहनाएं। बच्चे को इस तरह कपड़े पहनाएं कि शरीर से हवा पास हो सके और शिशु कंफर्ट रहे। शिशु को बुखार चढ़ने पर लोग उन्हें ज्यादा भारी कपड़े पहनाने लगते हैं। जबकि इससे शिशु का बुखार बढ़ सकता है। क्योंकि बॉडी से हीट न निकलने के कारण शरीर का तापमान बढ़ सकता है।
बुखार होने पर शिशु को हल्के कपड़े पहनाएं। बच्चे को इस तरह कपड़े पहनाएं कि शरीर से हवा पास हो सके और शिशु कंफर्ट रहे। शिशु को बुखार चढ़ने पर लोग उन्हें ज्यादा भारी कपड़े पहनाने लगते हैं। जबकि इससे शिशु का बुखार बढ़ सकता है। क्योंकि बॉडी से हीट न निकलने के कारण शरीर का तापमान बढ़ सकता है।
गर्मीं से बचाएं- Keep them cool
शिशु को बुखार होने पर उन्हें कम तापमान में रखते हैं। बच्चे का कमरे में हवा का वेंटिलेशन हो और तापमान अधिक ना ही इसलिए कमरे में पंखा, कूलर या एसी चलाकर रखें, जिससे कमरे का तापमान न बढ़े। शरीर का तापमान कम करने के लिए आप बच्चे को गुनगुने पानी से नहलाएं। साथ ही, शिशु के माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, इससे शिशु को जल्दी राहत मिलेगी।
बुखार मापते रहें- Monitor Their Temperature
कुछ घंटों के अंतराल में शिशु का बुखार मापते रहें। इससे आपको शिशु की देखभाल करने में मदद मिलेगी। शिशु को बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कुछ घंटों के अंतराल में शिशु का बुखार मापते रहें। इससे आपको शिशु की देखभाल करने में मदद मिलेगी। शिशु को बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
डाइट का विशेष ध्यान रखें- Focus on Diet
इस दौरान डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। बच्चे को कोई भी ठंडी या बहुत गर्म तासीर वाली चीज खाने के लिए न दें। अपने डॉक्टर की सलाह पर ही बच्चे का डाइट रखें।
इस दौरान डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। बच्चे को कोई भी ठंडी या बहुत गर्म तासीर वाली चीज खाने के लिए न दें। अपने डॉक्टर की सलाह पर ही बच्चे का डाइट रखें।
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