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भगवान सूर्य की सरल आरती : जय जय जय रविदेव

शनिवार,अप्रैल 13, 2019
surya aarti
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हिन्दू धर्मानुसार भगवान सूर्य देव एक मात्र ऐसे देव हैं जो साक्षात लोगों को दिखाई देते हैं।
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हिन्दू धर्म संस्कृति में सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्व माना गया है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं सूर्य चालीसा का संपूर्ण पाठ, अवश्‍य पढ़ें...
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मकर संक्रांति पर सूर्य का प्रवेश मकर राशि में होता है और इसका हर राशि पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपके द्वारा किया जाने वाला कौनसा दान फलदायी साबित होगा :
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पुराने समय में हिन्दू राजा-महाराजा मकर संक्रांति के दिन सर्व सुख प्रदान करने वाली माता महालक्ष्मी जी का पूजन करते थे। इस वर्ष आप सभी मित्र अपने-अपने घरों में सपरिवार महालक्ष्मी पूजा करके मां को श्रीयंत्र के रूप में अपने घर में विराजमान करें
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आदित्य ह्रदय स्तोत्र हर क्षेत्र में चमत्कारी सफलता देता है। विशेषकर मकर संक्रांति पर यह पाठ हर तरह के शत्रु से मुक्ति दिलाता है। पढ़ें संपूर्ण पाठ...
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सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।। अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
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मकर संक्रांति पर इस सूर्य कवच के पाठ से 7 पीढ़ियों की रक्षा होती है, ऐसा पुराणों में लिखा है...
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वर्ष 2019 में मकर-संक्रांति को लेकर जनमानस में संशय की स्थिति बनी हुई है कि आखिर किस दिन संक्रांति का पर्व मनाया जाना शास्त्रसम्मत है।
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संक्रांति के दिन इन 12 सूर्य नामों से सूर्य को जल चढ़ाने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने से मन शांत और प्रसन्न होता है... धन, यश, प्रसिद्धि और सम्मान मिलने लगते हैं।
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सबसे पहले तिल को साफ करके सेंक लें। तत्पश्चात उसे मिक्सी में बारीक या दरदरा पिस लें। अब कड़ाही गरम करके उसमें गुड़ को बारीक करके डालें और थोड़ा-सा दूध डाल दें।
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हमारी भारतीय संस्कृति में त्योहारों, मेलों, उत्सवों व पर्वों का महत्वपूर्ण स्थान हैं। भारत दुनिया का एकमात्र देश है, जहां हर दिन कोई न कोई त्योहार मनाया जाता है।
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आपकी राशि अनुसार सूर्य का कौन सा नाम है आपके लिए शुभ और किस नाम से उनका आह्वान करें ताकि संक्रांति आपके लिए शुभता और सफलता का वरदान लेकर आए...
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मकर संक्रांति के दिन नीचे दिए गए मंत्रों में से जो भी मंत्र आसानी से याद हो सके उसके द्वारा सूर्य देव का पूजन-अर्चन करें। फिर अपनी मनोकामना मन ही मन बोलें। भगवान सूर्य नारायण मनोकामना अवश्य पूर्ण करेंगे।
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मकर संक्रांति पर कुछ काम करने से रोका गया है। ये इस प्रकार हैं-
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मकर संक्रांति के दिन ग्रह बदलने से राशियों पर भी पड़ता है असर..आइए जानते हैं राशि के अनुसार क्या होगा मकर संक्रांति का फल आपके लिए...
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संक्रांति पर पवित्र नदी, तीर्थ, सरोवरों आदि में स्नान से पुण्यफल प्राप्त होता है। कई प्रकार के दान व पूजन कर पुण्य प्राप्ति की जाती है। राशि के अनुसार दान कर कई गुना लाभ‍ लिया जा सकता है, जैसे :
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मकर संक्रांति के दिन गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, महालक्ष्मी और सूर्य की साधना संयुक्त रूप से करने का वर्णन प्राचीन धर्मग्रंथों में विस्तार से मिलता है। पंचशक्ति की साधना से ग्रहों को अपने अनुकूल बनाने का पर्व मकर संक्रांति है।
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यह त्‍योहार पूरी तरह से सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के दिन मनाया जाता है और सूर्य सामान्‍यत: 12, 13, 14 या 15 जनवरी में से किसी एक दिन ही मकर राशि में प्रवेश करता है। इस बार भी यह पर्व 15 को ही मनाया जाएगा।
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मकर संक्रांति मनाते सब हैं पर ज्यादातर लोग इस पर्व के बारे में कुछ नहीं जानते। प्रस्तुत है मकर संक्रांति के बारे में रोचक तथ्य।
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