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  4. Which deity is worshipped during Pongal
Written By WD Feature Desk
Last Updated : मंगलवार, 6 जनवरी 2026 (17:05 IST)

Pongal 2026: पोंगल पर किस देवता की होती है पूजा?

पोंगल
Pongal 2026: मकर संक्रांति को दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में पोंगल के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भी 14 जनवरी को या उसके आसनास ही आता है। पोंगल मुख्य रूप से तमिलनाडु, कर्नाटका, तेलंगाना, और आंध्र प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से प्रकृति और कृषि को समर्पित त्योहार है, जिसमें विशेष रूप से निम्नलिखित देवताओं की पूजा की जाती है।
 
1. सूर्य देव (Lord Surya): पोंगल के मुख्य दिन (जिसे थाई पोंगल कहते हैं) सूर्य देव की पूजा की जाती है। लोग उन्हें नई फसल के चावल, गुड़ और दूध से बना 'पोंगल' प्रसाद अर्पित करते हैं और अच्छी फसल व जीवन में खुशहाली के लिए आभार व्यक्त करते हैं।
 
2. इंद्र देव (Lord Indra): पोंगल के पहले दिन, जिसे 'भोगी पोंगल' कहा जाता है, वर्षा के देवता इंद्र देव की पूजा की जाती है। उनसे प्रार्थना की जाती है कि वे अच्छी बारिश और समृद्धि बनाए रखें।
 
3. मवेशी (नंदी/बैल): पोंगल के तीसरे दिन, जिसे 'मट्टू पोंगल' कहते हैं, गायों और बैलों की पूजा की जाती है। खेती के काम में मदद करने के लिए उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है।
 
पोंगल 2026 का शुभ समय
  • थाई पोंगल बुधवार, 14 जनवरी 2026 को
  • थाई पोंगल संक्रांति का क्षण-  दोपहर 03:13 पर।
  • मकर संक्रांति- बुधवार, 14 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।
 
पोंगल का पहला दिन भोगी पोंगल 13 जनवरी को, दूसरा दिन थाई पोंगल 14 जनवरी- यह चार दिवसीय उत्सव का दूसरा दिन और इस पर्व का मुख्य दिन होता है, जिसे संक्रांति के रूप में भी मनाया जाता है, तीसरा दिन माट्टु पोंगल/ मट्टू पोंगल 15 जनवरी, इस दिन को गायों और बैलों की पूजा के दिन.के रूप में मनाया जाता है तथा चौथा दिन कानु पोंगल 16 जनवरी 2026 को, यह पोंगल पर्व का अंतिम और त्योहार की समाप्ति का दिन होता है।