नासिक कांड से मचा सियासी भूचाल: अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर का इस्तीफा
Rupali Chakankar Resignation: नासिक के ढोंगी ज्योतिष अशोक खरात के खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। इस मामले में नाम जुड़ने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सख्त रुख अपनाया है। ALSO READ: पूजा-पाठ के नाम पर दरिंदगी! नासिक के ज्योतिष का काला सच, 58 वीडियो से खुलासा
edited by : Nrapendra Gupta
बताया जा रहा है कि चाकणकर ने स्पष्टीकरण देने के लिए शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री पहले ही एनसीपी नेताओं को स्पष्ट कर चुके हैं कि इस पूरे प्रकरण से सरकार की छवि को जो नुकसान हुआ है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जब चाकणकर मिलने पहुंचीं, तब मुख्यमंत्री ने उनकी सफाई में खास रुचि नहीं दिखाई।
अपनी सफाई में रूपाली चाकणकर ने कहा कि एक महिला होने के कारण उन्हें आसानी से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर की एक फोटो को 2 सितंबर की बताकर पेश किया गया और उस पर मौजूद नंबर को भी मिटा दिया गया।आज राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्षाच्या राष्ट्रीय अध्यक्षा, आमच्या नेत्या तसेच राज्याच्या सन्माननीय उपमुख्यमंत्री आदरणीय सुनेत्रावाहिनींकडे माझ्याकडे असलेल्या राज्य महिला आयोगाच्या अध्यक्षपदाचा राजीनामा सुपूर्द केला.सध्या विविध माध्यमातून होत असलेल्या आरोपांची निष्पक्ष आणि पारदर्शक… pic.twitter.com/rUuS7oPEWR
— Rupali Chakankar (@ChakankarSpeaks) March 20, 2026
उन्होंने कहा कि 2 सितंबर को मैं अजित दादा के साथ दौरे पर थी। फोटो में मेरे हाथ पर कोई चोट नहीं दिख रही है। जो लोग मेरी बदनामी कर रहे हैं, उन्हें मैं कानूनी नोटिस भेजूंगी। जिन्होंने यह झूठी कहानी गढ़ी है, उनके खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई करूंगी।
सुनेत्रा पवार को सौंपा इस्तीफा
रूपाली चाकणकर ने अपना इस्तीफा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा। उन्होंने देवगिरी स्थित सरकारी आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और अपना इस्तीफा दिया।
खरात दंपति को गुरु मानती थीं रुपाली
इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए रूपाली चाकणकर ने कहा कि मैं पहले से ही महादेव मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी थी और मेरा कार्यकाल 2025 में समाप्त हो गया। मैं खरात दंपति को अपना गुरु मानती थी। मैं महाशिवरात्रि जैसे कार्यक्रमों में शामिल होती थी और पूरा परिवार साथ जाता था, क्योंकि हम उन्हें अपना गुरु मानते थे।
उन्होंने आगे कहा कि ये वीडियो कई साल पुराने हैं। वे अपने निजी जीवन में क्या कर रहे थे, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं थी। जब मुझे इस घटना के बारे में पता चला, तो मैं हैरान रह गई। मैंने पहले भी कहा है कि पुलिस को इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। जो हुआ वह बेहद घिनौना कृत्य है। हमारी मांग है कि इस मामले की जांच बिना किसी भेदभाव के की जाए।

