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एकलव्य के संबंध में तीन अनजानी बातें, किस जाति का था वह?

Updated: मंगलवार, 27 अगस्त 2019 (15:45 IST)
एकलव्य के संबंध में बहुत भ्रम फैला हुआ है। एकलव्य एक राजपुत्र थे, भील थे, आदिवासी थे, निषाद थे या कि और कोई? इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाती है। उनमें से मुख्‍य तीन बातों पर आज भी रहस्य बना हुआ है।
 
 
1.कहते हैं कि एकलव्य भगवान श्रीकृष्ण का चचेरा भाई था। एकलव्य वसुदेव के भाई का बेटा था। यह एक जंगल में खो गया था और और हिरण्यधनु नाम के निषाद राजा को वह मिला था। तब से उसे हिरण्यधनु का पुत्र ही माना जाता है।
 
2.यह भी कहा जाता है कि एकलव्य भगवान श्रीकृष्ण के पितृव्य (चाचा) के पुत्र थे जिसे बाल्यकाल में ​ज्योति​ष के आधार पर वनवासी भीलराज निषादराज हिरण्यधनु को सौंप दिया गया था।
 
 
3.महाभारत काल में प्रयाग (इलाहाबाद) के तटवर्ती प्रदेश में सुदूर तक फैला श्रृंगवेरपुर राज्य निषादराज हिरण्यधनु का था। गंगा के तट पर अवस्थित श्रृंगवेरपुर उसकी सुदृढ़ राजधानी थी। हिरण्यधनु का पुत्र एकलव्य था।
 
अब यह तय करना पाना मुश्किल है कि एकलव्य एक खो गया बालक था या कि हिरण्यधनु का पुत्र? वह यदि श्रीकृष्ण का चचेरा भाई था तो निश्चित ही यदुवंशी था और यदि नहीं था तो वह निषाद जाति का था। महाभारत में एक जगह उल्लेख मिलता है कि एकलव्य निषादराज के पुत्र थे।
 

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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