पेट्रोल ने बढ़ाई टेंशन, मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर सरकार का टैक्स ‘खेला’

अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बैकपुट पर दिखाई दे रही भाजपा?

Author विकास सिंह| Last Updated: शुक्रवार, 18 जून 2021 (09:09 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के रिकॉर्ड तोड़ दामों ने आम आदमी का तेल निकाल लिया है। भोपाल में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 104.93 वहीं डीजल 96.13 पैसा प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं प्रदेश के अनुपपुर जिले में पेट्रोल के दाम 107.40 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गए है। वहीं अनुपपुर में डीजल की कीमत 98.41 रुपए प्रति लीटर है। अगर इस साल पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी को देखे तो राजधानी भोपाल में पेट्रोल 13 रुपए से अधिक महंगा हो चुका है।

अगर पेट्रोल के दामों पर टैक्स की बात करें तो पेट्रोल महंगा होने का मुख्य कारण इस पर केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से अत्यधिक टैक्स होना है। आज पेट्रोल पर केंद्र और राज्य सरकार 58% टैक्स वसूल रही है। पेट्रोल डीजल के दाम में तेजी की सबसे बड़ी वजह राज्य और केंद्र सरकार का टैक्स है। 2014 से अब तक केंद्र सरकार 13 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा चुकी है।

अगर मध्यप्रदेश की बात करें मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर 39 फीसदी और डीजल पर 28 फीसदी वैट और टैक्स वसूल रही है। पेट्रोल की आज की 104 रुपए कीमत में 42 रुपए का पेट्रोल और 62 रुपए का केंद्र और राज्य का टैक्स और वैट शामिल है। अगर केंद्र सरकार एक्साइड ड्यूटी और राज्य सरकार वैट हटा दें डीजल और पेट्रोल 25 से 30 रुपए तक सस्ता हो जाएगा।
पेट्रोल-डीजल की तस्करी!-वहीं प्रदेश से सटे अन्य राज्यों में पेट्रोल,डीजल के दाम कम होने से प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल पंप का संचालन करने वाले संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि प्रदेश में के सीमावर्ती जिलों में रेट में 10-12 रुपए से अधिक का अंतर होने पर पेट्रोल और डीजल की बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है जिससे पंप संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वह कहते हैं कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सबसे अधिक टैक्स होने से सबसे महंगा तेल बिक रहा है।
अगर पड़ोसी राज्यों से पेट्रोल के दाम की तुलना करें तो उत्तर प्रदेश की तुलना में मध्यप्रदेश में पेट्रोल 12 रुपए अधिक बिक रहा है। उत्तर प्रदेश में सत्ता पेट्रोल होने से प्रदेश के सीमावर्ती जिले के लोग पेट्रोल और डीजल लेने यूपी का रुख कर रहे है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर पेट्रोल पंप चलाने वाले संचालक कहते हैं कि उनका पेट्रोल पंप मध्यप्रदेश की सीमा में पड़ता है लेकिन वह खुद अपनी गाड़ी में तेल झांसी से भारते है।

सरकार पर हमलावर कांग्रेस- वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमत पर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरते हुए सवाल किया है कि आखिर मध्यप्रदेश की जनता का क्या कसूर है कि उससे सबसे महंगा-पेट्रोल डीजल यहां बिक रहा है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के लोगों का कर्जदार बनाकर टैक्स के जरिए हो रही कमाई से फिजूलखर्ची कर रही है।

पेट्रोल-डीजल पर बैकफुट पर भाजपा-वहीं मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के रिकॉर्ड दाम पर अब जिम्मेदार भी अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से जब मीडिया ने पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि हम संगठन के लोग है सत्ता में बैठने वालों से सवाल पूछिए।


सरकार कम करें टैक्स-मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह कहते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कम करने के लिए सरकार को तुरंत कुछ कदम उठाने चाहिए। वहीं कहते हैं कि अब जब क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ रही है तब आने वाले समय में दामों में और बढ़ोत्तरी हो सकती है। वह कहते हैं कि पिछले साल इस वक्त के क्रूड ऑयल के दाम 38-39 डॉलर प्रति बैरल थी तो अब 71 डॉलर प्रति बैरल हो गए है। ऐसे में क्रूड के दामों में 90 फीसदी बढ़ोत्तरी हो चुकी है।




और भी पढ़ें :