समरसता बढ़ाने के निरंतर प्रयास हो:चौहान

भोपाल (वार्ता)| वार्ता|
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि जाति और समुदाय का भेद मिटाकर एकता एवं सामाजिक समरसता में वृद्धि करने और समाज की ताकत को जगाने का कार्य करना आवश्यक हो गया है। इस तरह के प्रयास निरंतर होने चाहिए। जैसे संगठन यह कार्य बखूबी कर रहे हैं।

चौहान ने राष्ट्रीय सिख संगत के तत्वावधान में दो दिवसीय श्रीगुरुग्रंथ साहब पर केन्द्रित 'सामाजिक एवं एकात्मता' विषयक चिंतन बैठक के समापन अवसर पर चौहान ने कहा कि सिख समुदाय के सिकलीगरों को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने संबंधी माँग का परीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गुरु गोविंदसिंह जी ने देश के लिए अपने पुत्रों के बलिदान का अनूठा उदाहरण विश्व के समक्ष पेश किया। गुरुग्रंथ साहब की वाणी सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सिख संगत के मुख-पत्र 'संगत संसार' के साँझीवालता विशेषांक का विमोचन किया। कार्यक्रम को अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने भी सम्बोधित किया।

प्रारंभ में राष्ट्रीय सिख संगत के प्रदेश मंत्री बिहारीलाल ने दो दिवसीय चिंतन बैठक में आए अतिथियों का परिचय दिया। समापन कार्यक्रम को संस्था के राष्ट्रीय पदाधिकारियों गुरुचरण सिंह गिल, अविनाश जायसवाल, जसविंदर सिंह, कुलवंत सिंह के अलावा ओंकारेश्वर के श्रीआनंदमयी पीठ के स्वामी गुरुशरणानंद, रामेश्वरानंद, ज्ञानचंद भंते, अतुलकृष्ण महाराज, हर्षानंदजी और ब्रजभूषण बेदी ने भी सम्बोधित किया।



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